कोरोना वायरस – गहलोत सरकार ने सेवानिवृत्ति की तारीख 30 सितंबर तक बढाई

लोगों के लिए रोजगार और भोजन-पानी का संकट बड़ी चुनौती

जयपुर, 31 मार्च (का.सं.)। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने शुरूआती दौर में ही अच्छा प्रबंधन किया है और समुचित आदेश तथा दिशा निर्देश जारी किये हैं। अब संकट काल में इन आदेशों की जमीनी स्तर पर सख्ती से पालना करवाने की बड़ी चुनौती हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि इसमें राजय सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन सहित सभी की भूमिका महत्तवपूर्ण है। गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की 21वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहें थे।वहीं बैठक में राज्य सरकार नेे कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 31 मार्च से 31 अगस्त 2020 की अवधि के बीच सेवानिवृत होने वाले सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य अधिकारियों और पैरा-मेडिकल कार्मिकों की सेवानिवृति को 30 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन एवं राहत के संदर्भ में लिए गए इस निर्णय का बैठक के दौरान अनुमोदन किया गया।लोगों के लिए रोजगार और भोजन-पानी का संकट बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के कारण प्रदेश के साथ-साथ पूरी दूनिया में ही हालात चिंताजनक है और लॉकडाउन ही इसका कड़वा, लेकिन उचित इलाज है। संक्रमण के डर के साथ-साथ लॉकडाउन के कारण मजदूरों और गरीब वर्ग के परिवारों को पलायन के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रा’य में कोरोना संक्रमण की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखना अति आवश्यक उपाय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन की स्थिति बने रहने पर लोगों के रोजगार और भोजन-पानी का संकट बढऩे के साथ-साथ कानून व्यवस्था की समक्ष कानून व्यवस्था की चुनौतियां भी बढ़ेंगी, जिसे हमें संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से निपटना होगा। 78 लाख परिवारों के 3 करोड़ से अधिक जनसंख्या का सर्वे पूरा बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की जमीनी स्तर पर स्थिति की जानकरी हासिल करने के लिए युद्ध स्तर पर घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे कराया जा रहा है। अभी तक 78 लाख परिवारों के 3 करोड़ से अधिक लोगों का सर्वे किया जा चुका है। इस काम में और अधिक तेजी लाने के लिए पंचायतराज और शिक्षा विभाग के कार्मिकों का सहयोग अपेक्षित है, ताकि सर्वे कार्य जल्द से जल्द पूरा हो सके।बढ़ती बैचेनी के दौर में आमजन को संबल देना होगा: उप मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने स्वास्थ्य सर्वे के लिए ग्राम सेवक, पंचायतराज और शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग को आवश्यक बताते हुए लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण की बेहतर व्यवस्था के लिए भी विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सूखी भोजन सामग्री के पैकेट का मानक तय करने और लोगों की बढ़ती बैचेनी के दौर में उन्हें संबल और आशा देने के लिए भी हम सबको को मिलकर विशेष प्रयास करने चाहिए।आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत निर्णयों का अनुमोदन बैठक में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी आदेशों एवं दिशा -निर्देशों तथा इनके क्रम में रा’य के आपदा प्राधिकरण की कार्यकारी समिति द्वारा जारी किये गये निर्देशों और आदेशों का अनुमोदन किया गया। साथ ही, राज्य आपदा राहत कोष से कोविड-19 के संक्रमण की जांच एवं इलाज के लिए विभिन्न चिकित्सकीय उपकरणों एवं सुविधाओं की खरीद, लॉकडाउन के कारण बेघर, प्रवासियों एवं श्रमिकों के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था, जिला एवं कलक्टरों को अनटाइड फंड के तहत राशि आवंटन सहित आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत लिए गये विभिन्न निर्णयों का अनुमोदन भी किया गया। बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन और लॉकडाउन की स्थिति में वंचितों के लिए भोजन सामग्री के वितरण के लिए गेंहूं, दाल, तेल आदि की अतिरिक्त खरीद, घर-घर राशन वितरण की स्थिति, मुनाफाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण, फसल कटाई, गेंहूं तथा दालों आदि की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, मंडियों के संचालन, प्रदेश और अन्य राज्यों में प्रवासियों के पलायन से उपजे हालात, लॉकडाउन के दौरान पुलिस व्यवस्था, आवारा पशु-पक्षियों एवं गौशाला आदि में चारे की उपलब्धता आदि पर गंभीर चर्चा हुई।

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