जीएमपीएफ ने किया गृह मंत्री से बैठक बुलाने का अनुरोध

नई दिल्ली। लाखों खनन कामगारों, उनके परिवारों और राज्य में इस कारोबार पर निर्भर लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर लाभकारी संगठन गोवा माइनिंग पीपुल्स फ्रंट (जीएमपीएफ) ने गृह मंत्री अमित शाह से गोवा खनन के मसले पर गठित मंत्री समूह की तत्काल बैठक बुलाते हुए राज्य में खनन गतिविधियों को पुन: शुरू करने में मदद के लिए प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप की मांग की है। इससे लाखों मासूम लोगों की आजीविका को बचाने में मदद मिलेगी, साथ ही राज्य की बदहाल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। जीएमपीएफ ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व में तत्काल प्रतिनिधिमंडल बनाने और शाह से मिलकर इस मसले को पुन: उनके सामने रखने की अपील भी की। ध्यान देने की बात है कि अमित शाह और जीएमपीएफ के बीच इस साल जनवरी में बैठक हुई थी। जीएमपीएफ के प्रेसीडेंट पुती गांवकर मानना है कि आजीविका के लिए खनन उद्योग पर निर्भर लाखों गोवावासियों की आशाओं की ओर अमित शाह का ध्यान आकर्षित करते हैं। यह जानना भी हमारे लिए आशा की बात है कि माननीय गृह मंत्री ने खनन मंत्रालय से इस मामले को पुन: देखने और सकारात्मक रवैये व समाधान के साथ आने को कहा है। हमें उम्मीद थी कि राज्य के बताए अनुरूप इस संबंध में 31 जुलाई को फिर बैठक होगी, हालांकि ऐसी कोई बैठक नहीं हुई। इसलिए हम माननीय गृह मंत्री से गोवा के खनन मामलों पर गठित मंत्री समूह की बैठक यथाशीघ्र बुलाने का अनुरोध करते हैं। हम इस बैठक में कोई सकारात्मक समाधान निकलने और हमारी जिंदगियां फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। गोवा में खनन से जुड़े लोगों के दुख के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और खनन प्रतिबंध पर जल्द से जल्द टिकाऊ व तत्काल समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का भरोसा दिलाने को लेकर जीएमपीएफ गृह मंत्री का आभारी है।
खनन गतिविधियों को जल्द से जल्द पुन: शुरू करने की दिशा में समर्पित प्रयासों के लिए जीएमपीएफ गोवा के मुख्यमंत्री का भी आभारी है।

 

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