45 हजार रुपये से नीचे भी जा सकता है सोना, जानें क्यूं गिर रहे हैं दाम

नई दिल्ली । इस साल निवेशकों को मोटा रिटर्न दे चुका सोना अब झटका देने लगा है। कोरोना का टीका तैयार होने की खबरों के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1049 रुपये की भारी गिरावट के साथ 49 हजार रुपये के स्तर से भी नीचे पहुंच गया। सोने का दाम 48569 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,049 रुपये की गिरावट के साथ 48,569 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी है। पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 49,618 रुपये प्रति 10 ग्राम था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक तपन पटेल ने कहा, कोविड-19 के टीके के संदर्भ में उम्मीद बढऩे और बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने की तैयारियों के मद्देनजर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। इसके अलावा वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेतों और रुपये की विनिमय दर में सुधार का भी सोने की कीमतों पर असर पड़ा। इस बीच बिकवाली दबाव के कारण चांदी भी 1,588 रुपये की गिरावट के साथ 59,301 रुपये प्रति किलो ग्राम पर आ गई। पिछले सत्र में इसका बंद भाव 60,889 रुपये प्रति किग्रा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव हानि के साथ 1,830 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 23.42 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने 49 हजार निचला स्तर तोड़ दिया है जिसके बाद इसमें और गिरावट की आशंका बढ़ गई है।
टीका बनाने के करीब पहुंची कंपनियां-दुनिया की कई दवा कंपनियां कोरोना का कारगर टीका बनाने के करीब पहुंच चुकी हैं। इनका दावा है कि यह 70 से 94 फीसदी तक कारगार हो सकता है। ऐसे में आने वाले समय में कोरोना का डर कम होने से सोना सुरक्षित निवेश नहीं रह जाएगा। इससे सोने में गिरावट आ रही है।
बाइडन से भी जगी उम्मीदें-अमेरिका में जो बाइडन राष्ट्रपति का चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने सत्ता संभालने की तैयारी तेज कर दी है। नरमपंथी बाइडन के सत्ता में आने से व्यापार युद्ध थमने की उम्मीद की जा रही है। इससे दुनियाभर में कारोबारी गतिविधियों के रफ्तार पकडऩे का अनुमान है। आर्थिक संकट के बादल छंटने से सोने की चमक फीकी पड़ रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में तेज सुधार-भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में तेज सुधार देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तेजी की स्थिति में शेयरों से जुड़े निवेश अधिक फायदेमंद होते है। ऐसे में अब निवेशक सोने की बजाय शेयरों को अधिक तरजीह दे रहे है। इससे भी सोने की गिरावट को बल मिला है।
अभी सोने में निवेश से बचें-एजेंल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि कोरोना संकट गहराने पर सोना 55 हजार के स्तर को पार कर गया था। अब टीका बनने के करीब पहुंचने के साथ ही इसमें गिरावट शुरू हो चुकी है। गुप्ता ने कहा कि टीका बन जाने के बाद सोना 45 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से भी नीचे आ जाए तो आश्चर्य नहीं होगा। ऐसे में मौजूदा समय में सोने में निवेश से दूर रहने की जरूरत है। हालांकि, एक साल या उससे लंबी अ?वधि में यह 55 हजार रुपये के स्तर तक दोबारा पहुंच सकता है।

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