उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा आधुनिक एवं ऑनलाइन तरीके से देना अब होगी हमारी प्राथमिकता-राज्यपाल

 

राज्यपाल ने वीडियो कॉन्फ्रस के द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से उच्च शिक्षा पर चर्चा की

जयपुर, 30 अप्रैल (का.सं.)। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ हासिल करने के लिए नवीन तकनीक का उपयोग करना आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के इस दौर मे उच्च शिक्षा पर आये प्रभाव से निपटने के लिए विश्वविद्यालयों को उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग एकजुटता से करना होगा। मिश्र का मानना था कि शैक्षणिक उत्थान के लिए कोविड 19 से आये परिवर्तनों का अध्ययन और योजनाबद्व तरीके से चुनौतियों का मुकाबला करना होगा। कुलाधिपति ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में फिर से शै़क्षणिक माहौल बनाने के लिए नये सिरे से रणनीति बनानी होगी। आपदा का डट कर सामना करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में उच्च गुणवता वाली शिक्षा नये तरीके से देना अब हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से उच्च शिक्षा पर आये प्रभावों से विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान नही होने देगे। राज्यपाल एवं कुलाधिपति मिश्र गुरूवार को यहां राजभवन से वीडियो क्रान्फ्रेस के द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से उच्च शिक्षा पर चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल ने उनके द्वारा गठित टास्क फोर्स की अनुशंषाओं पर कुलपतियों से चर्चा की। कुलपतियों ने कहा कि इन अनुशंषाओं को सम्बन्धित कमेटियों में चर्चा करा कर विश्वविद्यालयों में अनुपालन कराया जायेगा ताकि विद्यार्थियों को नुकसान से बचाया जा सके। राज्यपाल ने इसके साथ ही पाठयक्रम के अद्यतन, स्टेट यूनिवर्सिटी मैनेजमेन्ट सिस्टम, लर्निग मैनेजमेन्ट सिस्टम और स्मार्ट विलेज में लोगों को दिये जाने वाले मास्क,सेनेटाइजर और राशन सामग्री के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के लॉक डाउन का असर उच्च शिक्षा पर पडा है। उन्होंने कहा कि हमें विद्यार्थियों की जरूरतों को सुनना होगा, समझना होगा और उन्हे पूरा करने का भरसक प्रयास भी करना होगा। कुलाधिपति मिश्र ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार कोविड-19 से 1.5 बिलियन युवा प्रभावित हुए है। इस राष्ट्रव्यापी बन्द ने दुनिया की 91 प्रतिशत छात्र आबादी पर असर डाला है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों का अकादमिक वर्ष खराब नही होने दिया जायेगा इसके लिए विश्वविद्यालयों को अकादमिक काउसिलिंग के द्वारा आगामी सत्र में आवश्यक सुधार और कम समय में पाठ्यक्रमों को पूरा करना होगा। मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट पर भी ऐसे बदलाव करें कि उसका फायदा सामान्य छात्र को आसानी से हो सके। राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य के 28 लाख छात्र-छात्राओं को कोविड-19 से आये व्यवधान के कारण किसी प्रकार की शैक्षणिक हानि नही होने देगें। उन्होने कहा कि टास्क फोर्स द्वारा दी गई अनुशंषाएं कुलपतियों के लिए नीति निर्धारण में सहायक सिद्व होगी। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को कोई ऐसा आई टी प्लेट फार्म चाहिए जो आज की जरूरतें पूरा कर आवश्यकतायों के अनुरूप कार्य कर सके। वीडियो क्रान्फ्रेस में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया। कुलपतियों ने अपने -अपने विश्वविद्यालयों में कोविड-19 के लॉक डाउन से प्रभावित हुई शैक्षणिक गतिविधियों के सुगम संचालन की रणनीति को बताया। राज्यपाल के सचिव सुबीर कुमार नें वीडियो क्रान्फेन्स में भाग ले रहे कुलपतियों का स्वागत कर टास्क फॉर्स की अनुशंषाओं को विस्तार से बताया। राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्द राम जायसवाल, भी इस मौके पर मौजूद थे।
टास्क फोर्स द्वारा दी गई प्रमुख अनुशंषाऐं – टीचिंग मोड्यूल एवं टीचिंग विडियोज – छात्रो को ई-कन्टेन्ट एवं विडियो लेक्चर को व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करना, एवं अन्य उपलब्ध साधनों का भी उपयोग करना। विश्वविद्यालयों द्वारा सब्जेक्ट वाइज बेस्ट फेकल्टी को चिन्हित कर उनके लेक्चर वेबसाइट पर अपलोड किये जायें ताकि दूसरे विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी उसका लाभ ले सकें।
अगले सत्र में अकादमिक कलेण्डर एवं चुनाव के संबंध में – सभी विश्वविद्यालय केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगाई गई लॉकडाउन की अवधि तक बंद रहेगे। विश्वविद्यालय लॉकडाउन की अवधि के पष्चात् किसी भी प्रकार की छुट्टियां अपने शैक्षणिक कलेण्डर में प्रस्तावित नही करते हुए राज्यपाल सचिवालय से इसका अनुमोदन प्राप्त करेगें। अगले सत्र में विश्वविद्यालय एवं उनके सघंटक महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीें करवाये जावें।
बजट पुन: नियोजन – सभी विश्वविद्यालय द्वारा माह मई के प्रथम सप्ताह में वित्त समिति की बैठक बुलाकर रा’य वित्त विभाग, यूजीसी, आइसीएआर, डीएसटी आदि से पिछले वित्तीय वर्ष के बचे हुए प्रावधानों को सितम्बर, 2020 तक व्यय करने की अनुमति प्राप्त करने के प्रयास करेगेें। वर्तमान विश्वविद्यालय पोर्टल-वेबसाइट पर हिन्दी में भी दर्शया जाये ताकि हिन्दी भाषी विद्यार्थियों को कठिनाई नहीं हो।
विश्वविद्यालय वेबसाईट – विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट को इन्टरएक्टिव बनाये ताकि विद्यार्थियों की परीक्षा, परिणाम, प्रवेष आदि संबंधित जिज्ञासाओं का तुरंत उत्तर दिया जा सके। वर्तमान विश्वविद्यालय पोर्टल-वेबसाइट पर हिन्दी में भी दर्षाया जाये ताकि हिन्दी भाषी विद्यार्थियों को कठिनाई नहीं हो।
ऑन स्क्रीन इवेल्यूशन सिस्टम – ऑन स्क्रीन इवेल्यूषन सिस्टम द्वारा कॉपी जांचने की प्रक्रिया अगले सत्र की परीक्षाओं हेतु अपनाई जा सकती है। सामान्य विश्वविद्यालयों द्वारा प्रारंभ में पीजी क्लासेज हेतु इसे अपनाया जाए, जबकि तकनीकी विश्वविद्यालयों द्वारा इसे सभी कक्षाओं के लिए अपनाया जाना प्रस्तावित है।
पाठयक्रम सबंधी सुझाव – टास्क फॉर्स द्वारा सुझाव दिया गया कि कुलपतिगण पाठयक्रम, परीक्षा पेटर्न आदि के संबंध में यदि कोई विधिक अनुमति लेनी है तो संबंधित नियामक संस्था या विश्वविद्यालय बॉडी से एप्रूवल पूर्व में ही प्राप्त कर लें ताकि कोई विधिक एवं सम्बद्वता सबंधी समस्या बाद में नहीं खड़ी हो। टास्क फॉर्स द्वारा सुझाव दिया गया कि कुलपतिगण अगले सत्र से समान रूप में यूजीसी का पाठयक्रम अपनाएं ताकि विद्यार्थियों के द्वारा विश्वविद्यालय परिवर्तन में कठिनाई नहीं हो। ऐसा करने से चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम भी आसानी से लागू हो सकेगा।
स्टेट युनिवर्सिटी मेनेजमेंट सिस्टम – टास्क फॉर्स का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में स्टेट युनिवर्सिटी मेनेजमेंट सिस्टम को लागू करने से विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में लॉकडाउन एवं पोस्ट लॉकडाउन पीरियड में अत्याधिक सुधार होगा जिसका सीधा लाभ राज्य के युनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को होगा। यह सिस्टम टास्क फॉर्स के अधिकतर एजेंडा की पूर्ति भी करेगा। रा’यपाल ने बताया कि उक्त समस्त निदेंश लॉक डाउन की शर्तो के अधीन रहेगे।

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