क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के पीडि़तों के लिये हेल्पलाइन होगी शुरू

जयपुर, 20 सितम्बर (का.सं.)। सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के पीडि़तों के लिये 181 हेल्पलाइन अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शीघ्र शुरू की जायेगी, जिससे पीडि़तों के साथ हुई धोखाधडी की जानकारी प्राप्त की जा सके एवं अन्य ऐसी सोसायटियां जो ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रही हैं की पहचान की जा सकेगी। जिससे उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सके। आंजना शुक्रवार को शासन सचिवालय में विभाग की आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनियमितता वाली क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों की पहचान की जायेगी, जिससे उनका पंजीयन निरस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि 7 क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियां, जिसमें शुभ, सुधन, पार्वती, दानी, अम्बे, केशव एवं सुप्रीम क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग पूर्ण मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियां अपना निवेश केवल अपेक्स बैंक एवं केन्द्रीय सहकारी बैंक में ही करें। इसके लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं तथा निवेश नहीं करने वाली क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ नियमान्तर्गत कार्यवाही अमल लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किसी प्रकार का धोखा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जुलाई, 2019 में दि बैनिंग ऑफ अनरेग्यूलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट पारित किया गया है। केन्द्र की ओर से इस पर नियम बनने की प्रक्रिया जारी है। केन्द्र की ओर से नियम जारी होते ही राज्य की ओर से भी नियम बनाकर इस कानून के माध्यम से निवेशकों के हितों को सुरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की ओर से नियम बनाने के लिये शीघ्र ही विधि विशेषज्ञ को कार्य सौंपा जायेगा।आंजना ने कहा कि राज्य की सभी गृह निर्माण सहकारी समितियों का ऑडिट रिपोर्ट को ऑनलाइन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जयपुर की 33 गृह निर्माण सहकारी समितियां जिनके द्वारा नियमों की पालना नहीं की जा रही है, उनके पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों के जारी पट्टों की समीक्षा के उपरान्त नियमन कैम्प लगाने के विषय में नगरीय विकास विभाग के साथ बैठक में फैसला लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में गृह निर्माण सहकारी समितियों के संबंध में गठित मंत्रीमण्डलीय उप समिति के निर्णयों की कठोरता से पालना करवाई जायेगी। बैठक में प्रमुख शासन सचिव सहकारिता अभय कुमार ने सहकारिता मंत्री के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि बैठक में दिये निर्देशों की पालना में कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. नीरज के. पवन ने मीटिंग के एजेण्डावार बिन्दुओं को रखा। समीक्षा बैठक में संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *