रिकॉर्ड चौथी बार भारत ने जीता था 19 विश्व कप, पृथ्वी और गिल बने थे स्टार

नई दिल्ली (एजेंसी)। 3 फरवरी, 2018 को आज ही दिन पृथ्वी शॉ की अगुआई में भारतीय अंडर-19 टीम ने विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड चौथी बार फाइनल में जीत दर्ज की थी। विश्व कप का यह फाइनल मैच में न्यूजीलैंड के बे ओवल मैदान पर खेला गया था। पृथ्वी शॉ की कप्तानी वाली इस टीम ने टूर्नामेंट में अपने सभी मैच में परचम लहराया था। टीम को एक भी मुकाबले में हार नहीं मिली, जिसमें चीरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 203 रनों की बड़ी जीत भी शामिल है। आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय टीम का विजयरथ फाइनल में भी जारी रहा और पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को महज 216 रनों पर समेट दिया। इसके बाद मनजोत कालरा (101) के बेहतरीन शतक से भारतीय टीम ने इस लक्ष्य को महज 38.5 ओवर में ही पूरा कर लिया। कालरा के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज हरविक देसाई ने नाबाद 47 रनों की पारी खेली। इससे पहले भारत के लिए मनजोत कालरा के साथ ओपनिंग करने उतरे कप्तान पृथ्वी शॉ ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। पृथ्वी शॉ 29 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन तब तक उन्होने कालरा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 71 रनों की पार्टनरशिप कर लिया था। पृथ्वी के आउट के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे शुभमन गिल (31) ने भी अपना दम दिखाया और उन्होंने कालरा के साथ मिलकर अर्द्धशतकीय (70 रन) साझेदारी की। गिल को भारतीय मूल के गेंदबाज परम उप्पल ने आउट किया। पांचवे नंबर बल्लेबाजी देसाई ने कालरा के साथ मिलकर फिर कोई विकेट नहीं गिरने दिया और टीम को एक आसान जीत दिलाई। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी के दौरान लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाए। कंगारु टीम की तरफ से सिर्फ जोनाथन मेरलो ने 76 रनों की बड़ी खेली। इसके अलावा परम उप्पल ने 34, जैक एडवर्ड्स ने 28 और नाथन मैक्सवैनी 23 रनों का योगदान दिया। वहीं भारत की ओर से गेंदबाजी में इशान पोरेल, शिवा सिंह, कमलेश नागरकोटी और अनुकूल रॉय ने दो-दो विकेट लिए जबकि शिवम मावी को एक सफलता हासिल हुई थी।

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