विश्व की शीर्ष 300 सहकारिताओं में इफको को पहला स्थान

नई दिल्ली। इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) विश्व की शीर्ष 300 सहकारी समितियों में पहले स्थान पर पहुंचने में कामयाब रही है। यह रैंकिंग प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) पर कारोबार के अनुपात पर आधारित है। यह देश के सकल घरेलूउत्पाद और आर्थिक विकास में इफको के योगदान को दर्शाता है। इंटरनेशनल कोआपरेटिव एलायंस (आईसीए) द्वारा प्रकाशित नौवें वार्षिक वर्ल्ड कोआपरेटिव मॉनीटर रिपोर्ट के 2020 संस्करण के अनुसार यह रैकिंग बताती है कि किसी उद्यम के कारोबार का देश की अर्थव्यवस्था में कितना योगदान है।लगभग 36,000 सदस्य सहकारी समितियों और करीब सात अरब डॉलर के ग्रुप टर्नओवर के साथ इफको विश्व की सबसे बड़ी सहकारी समितियों में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक संपूर्ण कारोबार के मामले में इफको पिछले वित्त वर्ष के 125वें स्थान से चढ़कर 65वें स्थान पर पहुंच गई है। देश के किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध-इफको के प्रबंध निदेशक, डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने कहा कि यह इफको और सहकारिताओं के लिए गर्व की बात है। भारतीय सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने की दिशा में हम सबके लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। इफको में हम लोग पूरे देश के किसानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारतीय सहकारिता आंदोलन को मजबूत कर रहे हैं। हम नवोन्मेष में विश्वास करते हैं क्योंकि सफलता की कुंजी है। मैं इफको से जुड़े सभी लोगों और देश के सहकारी बंधुओं को इस अनुपम उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं। इफको ने पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय सहकारिता मंच पर भारत को गौरवान्वित किया है। वैश्विक मंच पर इफको की मजबूत उपस्थिति है क्योंकि इफको के निदेशक आदित्य यादव आईसीए के वैश्विक निदेशक मंडल में इफको का प्रतिनिधित्व करते हैं। इफको में सहकारिता संपर्क विभाग के प्रमुख तरुण भार्गव इंटरनेशनल कोआपरेटिव एन्ट्रीप्रीन्योरशिप थिंक टैंक(आईसीईटीटी) के अध्यक्ष और आईसीए की वैश्विक शाखा आईसीएओ की कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं। इन मानकों पर परखा गया-इंटरनेशनल कोआपरेटिव एलायंस (आईसीए) तथा द यूरोपियन रीसर्च इंस्टीट्यूट ऑन कोआपरेटिव एंड सोशल एंटरप्राइजेज ने एक अंतरर्राष्ट्रीय वेबिनार के दौरान वर्ल्ड कोआपरेटिव मॉनीटर का 2020 संस्करण लॉन्च किया है। यह आईसीए द्वारा प्रकाशित नौवीं वार्षिक रिपोर्ट है जिसमें विश्व की प्रमुख सहकारी समितियों के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का जायजा लिया गया है तथा कोविड व जलवायु परिवर्तन जैसी वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उनके द्वारा किए गए उपायों के विश्लेषण के आधार पर शीर्ष 300 की श्रेणी बनाई गई है।

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