भारत में बिजली की खपत मार्च में 24.35 फीसदी बढ़ी

नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन की आशंका के बीच अर्थव्यवस्था में मजबूती के दो संकेत मिले हैं। पहला मार्च में जीएसटी का रिकॉर्ड कलेक्शन और दूसरा बिजली की खपत में इजाफा। मार्च में जीएसटी कलेक्शन रिकार्ड 1 लाख 23 हजार करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 27 प्रतिशत अधिक है।वहीं बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में बिजली की खपत मार्च 2021 में, एक साल पहले के इसी महीने के मुकाबले 24.35 प्रतिशत बढ़कर 123.05 अरब यूनिट (बीयू) हो गई, जो आर्थिक गतिविधियों में सुधार को दर्शाता है। पिछले साल मार्च में बिजली की खपत 98.95 बीयू दर्ज की गई थी।दूसरी ओर इस साल मार्च में किसी एक दिन की गई अधिकतम बिजली आपूर्ति 11 मार्च को 186.03 गीगावाट के स्तर को पार कर गई, जबकि मार्च 2020 में यह आंकड़ा 170.16 गीगावाट था। मार्च 2020 में ज्यादातर दिन अधिकतम बिजली आपूर्ति का आंकड़ा 170.16 गीगावाट से अधिक रहा। लॉकडाउन से आ सकती है मांग में गिरावट : विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली की खपत कोविड से पहले के स्तर पर लौट आई है और आने वाले महीनों में इसमें लगातार बढ़ोतरी होगी। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय लॉकडाउन किया जाता है तो बिजली की वाणिज्यिक और औद्योगिक मांग में गिरावट आ सकती है।

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