जहरीले पानी का मुद्दा जन आंदोलन बनने से पहले सरकार इसका समाधान करे : गौड़

श्रीगंगानगर, 8 जुलाई (का.सं.)। श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ सहित आठ जिलों में पंजाब द्वारा नहरों के माध्यम से भेजे जा रहे जहरीले पानी के मुद्दे को आज श्रीगंगानगर से निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की कि पंजाब सरकार से बातचीत कर इस समस्या का जल्द से जल्द स्थाई समाधान करवाया जाये, अन्यथा पश्चिमी राजस्थान में असाध्य बीमारियां फैल जायेंगी। उन्होंने कहा कि जहरीले पानी की वजह से श्रीगंगानगर- हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर सहित आठ जिलों के लोग बुरी तरह से प्रभावित हैं। पंजाब की सैकड़ों फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी सतलुज व ब्यास दरयाओं में डाला जा रहा है। जालंधर के पास बूढ़े नाले के माध्यम से यह केमिकल युक्त पानी दरियाओं में छोड़ा जाता है। हरिकेबैराज से इन्दिरा गांधी और फिरोजपुर फीडर के माध्यम से राजस्थान की गंगकैनाल, भाखड़ा और इन्दिरा गांधी कैनाल के जरिए पानी लोगों तक पहुंचता है। सतलुज दरिया में पिछले वर्ष पंजाब की शुगर फैक्ट्री का शिरा डाल दिया गया था। इस वजह से हजारों जीव-जंतु मर गए। पंजाब सरकार ने इस फैक्ट्री पर 5 करोड़ रु. का जुर्माना लगाया। फैक्ट्री संचालकों ने जुर्माना नहीं भरा और न ही पंजाब सरकार ने कोई कार्यवाही की। इस दूषित पानी की वजह से श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के सैकड़ों लोग कैंसर से मर चुके हैं। अनेक लोग कैंसर से ग्रसित हैं। विधायक गौड़ ने सदन में बताया कि बठिंडा से बीकानेर के लिए एक ट्रेन चलती है, उसका नाम लोगों ने कैंसर ट्रेन रखा हुआ है। विधायक गौड़ ने कहा कि यह बहुत बड़ी समस्या है। इसके समाधान के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, क्योंकि पंजाब में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। इन फैक्ट्रियों के संचालकों का पंजाब सरकार पर दबाव है कि वे अपनी फैक्ट्री अन्य रा’यों में ले जाएंगे। गौड ने कहा कि राजस्थान की सरकार पंजाब सरकार पर दबाव बनाए, तब जाकर इस मामले में कुछ हो पायेगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री जब श्रीगंगागनर आए थे, तब उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया था। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और शीघ्र कार्यवाही करेगी। विधायक गौड ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पांच साल में इस समस्या के समाधान के लिए कुछ नहीं किया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब तीन वर्ष पूर्व सूरतगढ़ आए थे, तब उनके समक्ष यह मुद्दा रखा गया। उन्होंने इसके हल का आश्वासन दिया। भाजपा की मुख्यमंत्री और अकाली दल के मुख्यमंत्री वहां उपस्थित थे। पांच साल तक इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार ने एक कदम भी नहीं उठाया। लोग बेमौत मरते रहे और सरकार ने चुप्पी साधे रखी। पंजाब से एक हजार से पांच हजार क्यूसेक गंदा पानी नदियों में डाला जा रहा है। विधायक गौड ने कहा कि यह व्यापक जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पक्ष-विपक्ष मिलकर इस मुद्दे को हल करने में आगे आएं। दोनों जिलों के विधायक इस मुद्दे को लेकर कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कह चुके हैं। यदि एकजुटता से हम इस मामले में कार्यवाही करेंगे तो निश्चित रूप से हमें सफलता मिलेगी। विधायक गौड ने कहा कि जहरीले पानी के खिलाफ श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लोग पिछले दो-अढ़ाई माह से आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं। इससे पहले कि यह जन आंदोलन बने और सरकार के समक्ष समस्या खड़ी करे, जरूरी है कि हम अभी से इसका निदान करने के लिए उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस-भाजपा और निर्दलीय विधायकों की एक कमेटी बनाए और फिर इसे पंजाब भेजे ताकि वे इसकी पूरी जानकारी वहां से जुटा कर लाएं और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपे। विधायक गौड़ ने कहा कि पीएचडी की जांच में गंदा पानी नहीं आता है। पीएचडी के अधिकारी कहते हैं कि जिले में शुद्ध पानी सप्लाई किया जा रहा है। गौड ने कहा कि केमिकल युक्त पानी इस जांच में नहीं आता और लोग धीमा जहर पीते रहते हैं।

 

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