नागरिकों को मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाना भी जरूरी-मो. रफीक

 

जयपुर, 29 सितम्बर (का.सं.)। सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स पर रोक की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश माननीय मो. रफीक द्वारा जयपुर में रविवार को प्लास्टिक हटाओ जनजीवन बचाओ पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर माननीय का. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारे संविधान में मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक कत्र्तव्यों का भी उल्लेख है, नागरिकोंं को मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए। इसी दिशा में उन्होंने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पूरे राजस्थान में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती, 2 अक्टूबर से चलाए जाने वाले अभियान ”प्लास्टिक रु ना बाबा ना” का स्वागत व सराहना करते हुए इस अभियान में नागरिकों का भरपूर सहयोग मिलने की उम्मीद जताई । उन्होंने कहा कि यह अभियान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150 वीं जयन्ती के अवसर पर समर्पित किया जा रहा है। इस अभियान के प्रति उनका आग्रह व जुड़ाव उनके द्वारा अभियान से जुड़ी बारीक जानकारियां भी बताने से दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि अभियान में जुडऩे वाले सहयोगियों व स्कूल के बच्चों को कपड़े व जूट के थैले एवं श्रमदान हेतु रबड़ के दस्ताने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनसहयोग के आधार पर गांधी जयंती के बाद भी प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को अभियान संबंधी गतिविधियां करवाई जाएंगी। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय, सबीना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपुर मदनगोपाल व्यास एवं सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान अशोक कुमार जैन भी सम्मिलित रहे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान, सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण तैयार करना और जनजागृति बढ़ाना है। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स में पॉलीथीन, बैग्स, स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट्स, छोटी बोतलें एवं विशेष प्रकार के पाउच शामिल हैं , जिन पर रोक लगाई जानी है और यह स्वच्छ भारत अभियान का भाग है। सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर कॉटन बैग्स, कैनवास बैग्स, जूट बैग्स, पेपर बैग्स आदि को उपयोग मेें लिए जाने के क्रम में आम नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है।इस अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा अपने यहां टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा। प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर बनी टास्क फोर्सें पूरे प्रदेश में अभियान सम्बन्धी गतिविधियों- जागरूकता रैली, श्रमदान कार्यक्रम, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक आदि का प्रभावी क्रियान्वयन जनसहभागिता से करेंगी। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व तालुका विधिक सेवा समिति स्वयं अपने कार्यालय परिसर व न्यायालय परिसर में भी सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।अभियान में स्कूलों, कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा एवं स्थानीय नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, पंचायत समिति व अन्य स्थानीय निकायों के सहभागिता ली जाएगी। इस अभियान में जागरूकता के लिए पोस्टर्स लगाएं जाएंगे, पम्फलेट भी बांटे जाएंगे। पोस्टर व पम्फलेट में प्रतिबंधित प्लास्टिक आइटम्स एवं इस्तेमाल करने योग्य आइटम्स को रोचक तरीके से दर्शाया गया है, साथ ही प्लास्टिक आइटम्स के विघटित होने में लगने वाले संभावित समय को भी दर्शाया गया है। मोबाइल वैन के उपयोग से भी जागरूकता का प्रसार किया जायेगा।

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