सर्दी के मौसम में सिर में खुजली है और बाल भी झड़ते हैं तो जानिए बचाव और इलाज

सर्दी के मौसम में कई लोगों को अलग-अलग किस्म की तकलीफों का सामना करना पड़ता है, सिर में खुजली उनमें से एक है। ऐम्स, दिल्ली के डॉ. ओमर अफरोज़ का कहना है, सिर में खुजली से सिहरन और दर्द महसूस हो सकता है। सिर खुजलाने से आपको बेहतर महसूस हो सकता है, या इससे दर्द भी हो सकता है। सिर में खुजली के साथ होने वाले प्रमुख लक्षण हैं: गंजापन, सिर की रूखी त्वचा, सिर में सफेद पपड़ी, पस से भरे घाव, त्वचा का लाल होना, सिर में सूजन, सिर में घाव, त्वचा पर जलन, हल्का बुखार आदि।
परेशानियों की वजह-ऐसी हर वो परिस्थिति जो सिर की त्वचा को इतना सूखा बना दे कि पपडिय़ां निकलने लगे, डेंड्रफ के तेजी से फैलने की वजह बन सकती है। अगर पीडि़त या पीडि़ता ने इलाज नहीं कराया तो यह उसकी खोपड़ी और बालों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है। सिर में शुष्क या सूखी त्वचा कई बीमारियों की जड़ है। सूखी त्वचा, रूसी और इन्फेक्शन जैसी समस्याओं के साथ ही सिर में कई तरह की तकलीफें हो सकती हैं। सेबोरिक डर्माइटिस, एक्जिमा, स्केल्प सोरायसिस और स्केल्प रिंगवर्म भी डेंड्रफ या सिर की सूखी त्वचा की वजह बन सकता है।
फंगल इन्फेक्शन-टिनिया केपिटिस या रिंगवर्म खोपड़ी में बहुत जमकर खुजली की वजह बन सकता है। कुछ लोगों की त्वचा पर तो पपडिय़ां और फफोले तक हो जाते हैं। कुछ अन्य फंगल इन्फेक्शन भी डेंड्रफ की वजह बनकर बालों के झडऩे का कारण बन सकते हैं। एंटीफंगल उपचार से फायदा हो सकता है।
स्केल्प सराइसिस- सराइसिस एक किस्म की ऑटो इम्यून स्थिति है जो सिर की त्वचा पर असर डालकर त्वचा को खुजलीवाला और परतदार बना सकता है। हालांकि यह डेंड्रफ तो नहीं है, लेकिन डेंड्रफ जैसे ही लक्षण हैं। इससे परेशान व्यक्ति के सिर पर जगह-जगह गंजेपन के स्पॉट से बन जाते हैं।
फॉलिकल्टिस डिकेल्वेन्स:-यह बेहद दुर्लभ स्थिति बालों के रोमों को नष्ट कर देती है। साथ ही इसके साथ खोपड़ी पर लाल चकत्ते बन जाते हैं। खुजली के कारण पीडि़त को डेंड्रफ होने की गलतफहमी हो सकती है।
लिचेन प्लेनोपाइलेरिस- यह महिलाओं में आम होती है। इसमें सिर की त्वचा पर खराश सी बन जाती है। यह भी गुच्छों में बालों के गिरने की वजह बन सकता है। इसके लक्षण भले ही डेंड्रफ जैसे हों, लेकिन ऐसी स्थिति में केवल डेंड्रफ की दवाओं से कोई राहत नहीं मिलेगी।
सेबोरिक डर्माइटिस- यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर यह खोपड़ी की त्वचा को प्रभावित करता है। इससे लाल या भूरे रंग के चकत्ते बन जाते हैं, जिनके कारण सिर में बहुत खुजली होती है। बहुत ज्यादा खुजाने पर उस हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। हर वो परिस्थिति जिसमें सिर में खुजली या जलन होती है, सिर के खुजाने या बालों को तोडऩे-मरोडऩे से बालों का झडऩा तेज हो सकता है।
सिर में खुजली को रोकने के लिए कुछ उपाय –बालों को संवारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रायर के उपयोग को सीमित करें क्योंकि ये बालों और सिर को नुकसान पहुंचाते हैं। अपने बालों को गुनगुने या ठंडे पानी से धोएं। बहुत गर्म पानी सिर की त्वचा से नमी को हटा देता है, जिससे सिर सूख जाता है और खुजली होती है। बालों को बार-बार धोने से सिर के प्राकृतिक तेल खत्म हो जाते हैं जो कि सूखेपन का कारण बनता है। अपने सिर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पूरे दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पीएं और विटामिन बी, विटामिन सी, आयरन और जिंक से समृद्ध आहार खाएं। अपने लिए हमेशा अलग कंघी और ब्रश का उपयोग करें और दूसरों के साथ इसका आदान-प्रदान न करें।
यदि आपने कोई नया हेयर-केयर उत्पाद का उपयोग करना शुरू किया है, तो देखें कि कहीं वही तो आपकी समस्या का कारण नहीं है और यदि ऐसा है तो जितनी जल्दी हो सके इसका उपयोग बंद करें।
सिर में खुजली का उपचार-डॉ. अफरोज के मुताबिक लगातार खुजली और उससे संबंधित लक्षणों जैसे बालों के झडऩे और सूजन के लिए, डॉक्टर निम्नलिखित उपचार बता सकते हैं : एलर्जी के लिए एंटीहिस्टामाइन, फोटोथेरेपी, जिसे लाइट थेरेपी भी कहा जाता है, सामयिक एंटीबायोटिक मल्हम या स्टेरॉयड क्रीम, स्टेरॉयड इंजेक्शन, ओरल एंटीबायोटिक्स आदि।

 

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