किसान आंदोलन का स्थानीय निकाय चुनाव पर नहीं पड़ेगा कोई असर- भाजपा

श्रीगंगानगर , 10 दिसम्बर (का.सं.)। शुक्रवार को होने जा रहे शहरी निकाय चुनाव पर किसानों के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।शहरी जनता प्रदेश की कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से बहुत त्रस्त है। भाजपा के उम्मीदवार भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे। अधिकांश नगर पालिकाओं में भाजपा के ही बोर्ड बनेंगे। यह दावा भाजपा के जिलाध्यक्ष आत्माराम तरड़ ने आज स्थानीय सुखडिय़ा नगर मार्ग पर जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता में किया। शहरी निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध भाजपा द्वारा प्रकाशित ब्लैक पेपर को जारी करते हुए आत्माराम तरड़ ने कहा कि किसानों का मुद्दा अलग है और शहरी क्षेत्र के मुद्दे अलग होते हैं। इसलिए शहरी निकाय चुनाव पर किसान आंदोलन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिस प्रकार पंचायती राज संस्थाओं में भाजपा ने प्रदेश में अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है, वैसी ही जीत स्थानीय निकाय चुनाव में भी प्राप्त होगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तीन कृषि कानूनों में किसानों की आशंकाओं को दूर करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव लेकर आई है। किसानों को इन प्रस्तावों का गहनता से अध्ययन करना चाहिए। यह प्रस्ताव बिल्कुल उनके हित में है। इसमें किसानों का कोई अहित नहीं है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि किसानों की परेशानियां बढे। परेशानियों से निजात दिलाने के लिए ही कृषि कानून लाए गए हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को आंदोलन का रास्ता छोड़कर संशोधित प्रस्तावों के साथ कृषि कानूनों को स्वीकार कर लेना चाहिए। अंततोगत्वा किसानों का ही फायदा होगा। उन्होंने प्रदेश स्तर पर भाजपा द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर प्रकाशित किए ब्लैक पेपर के बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने बिजली बिलों में अत्यधिक वृद्धि कर दी है। महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढी हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
आमजन और गरीबों को राहत देने वाली पूर्व सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं को एक-एक कर बंद कर दिया गया है। अन्नपूर्णा रसोई भी बंद कर दी गई।गहलोत सरकार ने नाम बदलकर दिखावे के तौर पर इस योजना को शुरू किया है, जिसका अब कोई लाभ नहीं मिल रहा। अमृत योजना में केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप शहरी क्षेत्रों में कोई काम नहीं हो रहे। शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति गड़बड़ाने, अंबेडकर भवनों का निर्माण रोकने, विकास कार्यों को ठप कर देने, युवा वर्ग की घोर उपेक्षा करने और कोराना काल में अव्यवस्थाओं से जनता के अस्त होने के मुद्दों की तरफ ध्यान आकृष्ट करवाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि श्री गंगानगर जिले की सभी आठ नगर पालिकाओं में भाजपा की जीत होगी। भाजपा के ही अध्यक्ष बनेंगे।पार्टी के दिशा निर्देशों के अनुसार जिले के सभी पदाधिकारी, विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सहित समस्त मंडल अध्यक्ष और मोर्चा के अध्यक्ष इस चुनाव में जी जान से लगे हुए हैं। विपक्षी दल कांग्रेस पर प्रहार करते हुए आत्माराम तरड ने कहा कि यह संगठन पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो चुका है। अंदरूनी विवाद के चलते जिलाध्यक्ष नहीं होने से कांग्रेस की हालत अब ऐसी हो गई है कि स्थानीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी भी उसे नहीं मिले। जिले में कई वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी तक नहीं है। प्रेस वार्ता में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सरदूलसिंह कंग, आईटी सेल प्रभारी क्रांति चुघ, वरिष्ठ नेता शरणपालसिंह एडवोकेट प्रदीप धेरड मंडल, अध्यक्ष सुशील अरोड़ा और मीडिया प्रभारी पवन शर्मा भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *