टाटा स्काय फैमिली हेल्थ पर हार्ट फेलियर और इसकी रोकथाम के बारे में जानें

नईदिल्ली। जीवन की गिरती गुणवत्ता और रोज़मर्रा में बढ़ता तनाव आज कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन चुका है, इसका दिल पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उदाहरण के लिए गैर-सेहतमंद जीवनशैली के कारण मधुमेह के चलते मरीज़ों में हार्ट फेलियर की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। भारत में 2018 में डायबिटीज़ (मधुमेह) के 70 मिलियन से अधिक मरीज़ थे, ऐसे में मरीज़ों और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि वे दिल की बीमारियों के बारे में जागरुक हों, क्योंकि आज किसी भी उम्र में दिल की बीमारियों की संभावना कई गुना बढ़ गई है। 29 सितम्बर को इस विश्व हृदय दिवस के मौके पर टाटा स्काय फैमिली हेल्थ पर मेदांता-द मेडिसिटी में क्लिनिकल एण्ड प्रीवेन्टिव कार्डियोलोजी के चेयरमैन डॉ आर. आर. कासलीवाल डायबिटीज़ के मरीज़ों में हार्ट फेलियर की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे तथा इनसे बचने के लिए रोकथाम के तरीकों पर जानकारी देंगे। डॉ कासलीवाल ने कहा, ”डायबिटीज़ के मरीज़ों में दिल की बीमारियों की संभावना बहुत अधिक होती है और उनकी देखभाल एवं इलाज दिल के मरीज़ के रूप में ही की जानी चाहिए। घातक अनुभवों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि डायबिटीज़ के मरीज़ों में दिल की बीमारियों की संभावना गैर-डायबिटीज़ मरीजों की तुलना में 5-7 फीसदी अधिक होती है।उनका सुझाव है कि पुरूषों को 20 साल की उम्र के बाद और महिलाओं को 25 साल की उम्र से डायबिटीज़ के लिए नियमित जांच करवानी चाहिए।दिल की बीमारियों से बचने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि ”अपनी किशोरावस्था में लड़के और लड़कियां अक्सर बहुत ज़्यादा फास्ट फूड खाते हैं जो बिल्कुल सेहतमंद नहीं है। वे ज़्यादा समय मोबाइल फोन और लैपटॉप पर बिताते हैं, गतिहीन जीवनशैली जीते हैं। इन आदतों से बचना बहुत ज़रूरी है। नियमित व्यायाम और सेहतमंद आहार से हार्ट फेलियर की संभावना बहुत कम हो जाती है। हार्ट फेलियर और इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानने के लिए टाटा स्काय फैमिली हेल्थ का चैनल 510 देखें, जो टाटा स्काय के सभी सब्सक्राइबरों के लिए नि:शुल्क है। आप हमारे चिकित्सा पेशेवरों के साथ बात कर अपने सवाल पूछ सकते हैं और विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं।

 

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