हथौड़े से पत्नी-मासूम पुत्र की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास की सजा

जयपुर, 1 जुलाई (कासं.)। हनुमानगढ़ जिले में नोहर के अतिरिक्त जिला सैशन जज ने आज एक व्यक्ति को अपनी पत्नी और मासूम पुत्र की हथौड़े से हत्या करने का जुर्म साबित हो जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक शशि कुमार सहारण एडवोकेट ने प्रकरण के तथ्यों की जानकारी देते हुए बताया कि गांव परलिका में 15 मई 2016 को बड़े तड़के रामकिशन जाट ने अपनी पत्नी रचना और पुत्र सुनील को सोते समय हथौड़े से चोटें मारकर मौत के घाट उतार दिया था। सुबह होने पर जब इस लोमहर्षक हत्याकांड का पता चला तो रचना के पीहर वाले घटनास्थल पर पहुंचे। रचना के चाचा लीलूराम निवासी किरडान जिला फतेहबाद, हरियाणा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने रामकिशन के खिलाफ दोहरे हत्याकांड का मामला दर्ज किया। रामकिशन को गिरफ्तार कर लिया गया। अनुसंधान के पश्चात् उसके खिलाफ चालान पेश किया गया। अपर लोक अभियोजक के अनुसार अनुसंधान के दौरान पूछताछ में रामकिशन ने बताया कि घटना की रात लगभग 2 बजे वह पूजा-पाठ कर रहा था। इस दौरान सुनील (14 माह) जाग गया और रोने लगा। उसकी पत्नी ने सुनील को चुप करवाने के लिए डांट दिया। इस पर उसे गुस्सा आ गया। वहीं पास में पड़ी हथौड़ी से उसने रचना के सिर पर वार कर दिये। इसी दौरान सुनील के भी सिर में चोट लग गई। अभियुक्त रामकिशन के मां-बाप नहीं है और उसके भाई ने इस हत्याकांड से कुछ अरसा पहले कथित रूप से सुसाइड कर लिया था। घर में रामकिशन, उसकी पत्नी और मासूम पुत्र ही थे। खेतीबाड़ी करने वाले रामकिशन की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वह इसी के चलते दिन-रात देवी की पूजा करने लगा था। घटना वाली रात भी लगभग 2 बजे नींद खुलने पर वह देवी की पूजा कर रहा था। इसी दौरान गुस्से में आकर पत्नी व पुत्र की हत्या कर दी। अपर लोक अभियोजक शशि कुमार सहारण एडवोकेट के अनुसार आज न्यायाधीश पुखराज गहलोत ने रामकिशन को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में था।

 

 

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