लॉक डाउन और सोशल डिस्स्टेसिंग कोविड 19 की सबसे बड़ी सोशल वेक्सिन हैं- डॉ हर्ष वर्धन

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (एजेन्सी)। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा है कि इस समय सारी दुनिया कोरोना वायरस कोविड -19 के ख़िलाफ़ वेक्सिन की खोज कर रही है लेकिन नए टीके की खोज होने तक लॉक डाउन और सोशल डिस्स्टेसिंग कोविड 19 की सबसे बड़ी सोशल वेक्सिन हैं। डॉ हर्ष वर्धन ने रविवार को दिल्ली के निकट झज्जर (हरियाणा)में एम्स परिसर का दौरा कर कोविड 19 से निपटने की तैयारियों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने झज्जर में एडमिट दो कोविड 19 पॉजिटिव मरीजों से वीडियो कॉल पर बात की और हाल चाल जान उनकी कुशलक्षेम पूछी । उन्होंने बताया कि कोविड 19 से संक्रमित इन मरीजों के उत्साह को देखकर मुझे बहुत संतोष हुआ और इस महामारी से लडऩे में मेरी शक्ति व विश्वास में भी अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोविड 19 से लड़ रहे डॉक्टर्स व अन्य समर्पित लोगों की हौसला अफज़़ाई के लिए मेरे पास शब्द कम पड़ गए है । डॉ हर्ष वर्धन ने एम्स, झज्जर में संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व अस्पताल प्रशासन के साथ एक बैठक भी की । इस बैठक में कोरोना से निपटने के हर पहलू और कोरोना वायरस से निपटने के लिए की गई तैयारियों पर गहन चर्चा व समीक्षा की गई । डॉ हर्ष वर्धन ने चिकित्सकों को कुछ जरूरी सुझाव भी दिए। उन्होने कहा कि इस समय किसी अन्य बीमारी से पीड़ित एवं बुज़ुर्गों की सेहत को लेकर बिलकुल भी कोताही न करें। देश में इस वक्त कोविड 19 के 80 प्रतिशत रोगी संक्रमण के मामूली लक्षण वाले हैं,15-20त्न को थोड़ा ज्यादा केयर की जरूरत है और महज कुछ लोग गंभीर स्थिति में हैं।किसी को घबराने अथवा भयभीत होने की जरूरत नहीं है। कोविड 19 से बचाव के लिए सरकार पूरी तन्मयता से प्रति क्षण प्रयत्नशील है! डॉ हर्ष वर्धन ने एम्स अस्पताल का अवलोकन करने के बाद मीडिया को बताया कि देश में पीपीई किट,वेंटिलेटर्स,आईसीयू बेड इत्यादि की कमी नहीं हैं।ये सभी चिकित्सीय उपकरण और एन-95 मास्क आदि भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कोरोना के विरुद्ध युद्ध में भारत मजबूत उन्होंने बताया कि कोरोना के विरुद्ध युद्ध में भारत की स्थिति मजबूत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतर राष्ट्रीय संगठनों ने हमारी तैयारियों की सराहना की हैं। देश में लागू लॉक डाउन से पहले आखिरी तीन दिनों (21 से 23 मार्च) में 64000 लोग भारत आए।वे सारे लोग डॉक्टरों की निगरानी में या तो होम कोरांटीन है अथवा संस्थागत रूप से कोरांटीन में हैं। उन्होंने निज़ामुद्दीन और मज़दूरों के पलायन की दो बड़ी घटनाओं के बावजूद,सबकी सफल ट्रेसिंग करने के लिए राज्य सरकारें बधाई की पात्र हैं।आज हमारा तंत्र इतना मजबूत है कि देश में पांच लाख से अधिक लोग हमारे सामुदायिक निगरानी में हैं। डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि जहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है या भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र को हाई रिस्क में रखकर राज्य व केंद्र सरकार द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और उसके अनुरूप एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। डॉक्टर, भगवान की तरह, उनका सम्मान करें उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में जुटे देवदूत डॉक्टरों के साथ हो रही अभद्रता और मारपीट जैसी घटनाएं शर्मनाक हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि डॉक्टर, भगवान की तरह है अत: वें उनका सम्मान करें। इधर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार ने अपनी नियमित प्रेस ब्रिफिंग में बताया कि भारत में कोविड संक्रमितों की संख्या 3374 पहुँच गई है अब तक देश में 77 लोगों की मृत्यु हुई है और 267 संक्रमित रोगी ठीक हो कर पुन: अपने घरों की लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्ष वर्धन उच्च स्तर पर स्थिति की समीक्षा और कोविड से निपटने की रणनीति बनाने में रात दिन जुटे हुए हैं।

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