आवश्यक वस्तुओं व दवा आदि उत्पादक व पैकेजिंग इकाइयों को भी मिलेगी संचालन की सशर्त अनुमति-एसीएस उद्योग

जयपुर, 31 मार्च (का.सं.)। राज्य सरकार ने एक बडा फैसला करते हुए उद्योगों को बडी राहत दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अब आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज का उत्पादन करने वाली इकाइयों, इनका कच्चा माल तैयार करने वाले, खाद्य पदार्थों, दवा, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइसेज की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों के साथ ही उर्वरकों, कीटनाशकों व बीज आदि की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों को भी सशर्त उत्पादन की अनुमति दी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि कोल व मिनरल उत्पादक इकाइयों आदि को भी आवश्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एमडी रीको श्री आशुतोष पेडनेकर ने डॉक्टर्स के लिए पीपीई किट तैयार करने वाली सीतापुरा की इकाई बाजिया एक्सपोर्ट को सशर्त स्वीकृति जारी की है।एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इससे पहले सोमवार को लॉक डाउन अवधि में औद्योगिक इकाइयों व संस्थानों के कार्मिकों और श्रमिकों को बिना कटौती के निर्धारित समय पर डिजीटल प्लेटफार्म पर सीधे खातों में ऑनलाईन या सीधे खातों में हस्तांतरण यानी डीबीटी के माध्यम से या एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करने को कहा है।अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग ने केन्द्र व राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं का विनिर्माण और आपूर्ति करने वाली औद्योगिक इकाइयों को अनुमति के संबंध में परिवद्र्धित आदेश व दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूर्व आदेशों मेंं पहले चरण में आटा, बेसन, दाल व तेल मिलों व कंटिन्यूअस नेचर की इकाइयों को अनुमति के निर्देश जारी किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुमति जारी करते समय विभाग द्वारा जारी निर्देशों और केन्द्र व रा’य सरकार की समय-समय पर जारी एडवाइजरी की भी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार इकाइयों का संचालन न्यूनतम आवश्यक श्रमिकों से कराने, श्रमिकों का औद्योगिक परिसर या अनुमति प्राप्त परिसर में आवास सुविधा के साथ ही उनके इकाई व आवास परिसर में मेडिकेटेड सेनेटाइजर, साबुन, मास्क के साथ ही अन्य जरुरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही आवासीय परिसर में उनके रहने, सोने व जीवन यापन के सभी इंतजाम करने होंगे। दोनों ही स्थानों पर सेनेटाइजेशन के साथ ही फ्यूमिगेशन की व्यवस्था करनी होगी। कार्य स्थल व आवास पर सोशियल डिस्टेंस व संपर्क रहित आदान-प्रदान की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही इकाई में किसी के भी वायरस संक्रमण, बुखार, खांसी, जुखाम अथवा अन्य संक्रमण की स्थिति में तत्काल प्रशासन को जानकारी देने के साथ ही चिकित्सकीय जांच करानी होगी। राज्य सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवायजरी की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि जिले की रीको क्षेत्र की इकाइयों को रीको द्वारा व रीको क्षेत्र से बाहर की इकाइयों को महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्रों द्वारा आवश्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी किया जा सकेगा वहीं एक से अधिक जिलों की इकाइयों के लिए रीको क्षेत्र में एमडी रीको और रीको से बाहर के क्षेत्र की इकाइयों को कलक्टर के माध्यम से प्राप्त अभिशंषा पर अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग द्वारा अनुमति दी जाएगी। आयुक्त श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में अब तक रा’य स्तर पर 16 इकाइयों व जिला स्तर पर जिला उद्योग केन्द्रों व रीको कार्यालयों में 371 इकाइयों ने में संपर्क किया है। कार्मिकों एवं श्रमिकों में कार्य करने हेतु 155 उद्यमियों ने संपर्क किया है जिसमें अब तक 223 पास जारी की जा चुकी है।

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