जनजाति क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थाओं से एमओयू किया जायेगा-बामनिया

जयपुर, 2 मार्च (का.सं.)। जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने सोमवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संघ लोक सेवा अयोग एवं राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों से एमओयू कर प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी। बामनिया प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की व्यवस्था की जाती है, जिसमें योग्यता के अनुसार शिक्षकों को लगाया जाता है तथा विज्ञप्ति के आधार पर कोचिंग कक्षाएं शुरू की जाती है। इससे पहले विधायक बाबूलाल के मूूल प्रश्न के लिखित जवाब में बामनिया ने बताया कि टीआरआई के माध्यम से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भी कोचिंग का आयोजन किया गया है। बामनिया ने बताया कि वर्ष 2015-16 में आर.ए.एस. (प्री.) में 70 जनजाति छात्र/छात्राओं को कोचिंग प्रदान की गई, जिनमें 12 छात्र उत्तीर्ण हुए और आर.ए.एस. (मुख्य) परीक्षा में 10 जनजाति छात्र/छात्राओं को कोचिंग प्रदान की गयी, जिनमें से कोई छात्र उत्तीर्ण नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में आर.ए.एस. (प्री.) में 136 जनजाति छात्र/छात्राओं को कोचिंग प्रदान की गई जिसमें 8 छात्र उत्तीर्ण हुए और आर.ए.एस. (मुख्य) परीक्षा में 15 जनजाति छात्र/छात्राओं को कोचिंग प्रदान की गयी जिनमें से एक छात्र उत्तीर्ण होकर साक्षात्कार उपरान्त चयनित हुआ। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में आर.ए.एस. (प्री) परीक्षा हेतु 56 जनजाति छात्र/छात्राओं को कोचिंग प्रदान की गयी, जिनमें एक छात्र उत्तीर्ण हुआ तथा वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग आयोजित नहीं हुई है।

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