मिस्टरआउल मना रहा चंद्रयान-2 की सफलता का जश्न

 

जयपुर, 12 सितंबर(एजेन्सी)। चंद्रयान -2 चंद्रयान -1 के बाद भारत का दूसरा चंद्र अन्वेषण मिशन है। लैंडिंग से कुछ सेकंड पहले चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया पर ऑर्बिटर को सफलता पूर्वक ऑर्बिट में स्थापित कर दिया गया। मिशन का उद्देश्य चंद्रमा में जल की उपस्थिति का पता लगाना था। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर सात साल तक चन्द्रमा में पानी ढूढ़ेगा और अपने मिशन को अंजाम देगा और अंतत: एक दिन मानव जाति के लिए एक स्थायी आधार स्थापित करने का रास्ता बनाएगा। यह हमारे सौर मंडल और चंद्रमा के निर्माण की हमारी समझ को बढ़ाने में भी मदद करेगा। जिस तरह चंद्रयान-2 अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है, उसी तरह मिस्टरआउल भी उपयोगकर्ताओं को ज्ञान और संसाधन साझा करने के लिए एक अग्रणी मंच के रूप में उभर रहा है। मिस्टरआउल उपयोगकर्ता दिव्या कपूर, चंद्रयान -2 नामक एक लोकप्रिय ब्रांच का प्रबंधन करती है, जो हमें इस अभिनव मिशन से जुडी सभी जानकारी देता है। मिस्टरआउल एक सोशल क्लाउड स्टोरेज प्लेटफ़ॉर्म है, जहाँ उपयोगकर्ता ब्रांचेस नामक सार्वजनिक या निजी जानकारी के संग्रह बनाते हैं। मिस्टरआउल के सीईओ और सह-संस्थापक अरविंद रायचूर ने कहा कि चंद्रयान -1 चंद्रमा पर पानी की खोज करने वाला पहला मिशन था जो मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण खोज है। चंद्रयान-2 भी अपने नए निष्कर्षों के साथ मानवजाति के लिए बड़ा योगदान प्रदान करेगा। क्योंकि हम जिस युग में रहते हैं वह डेटा पर बहुत अधिक निर्भर करता है, यह वैज्ञानिकों और बाकी सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे अपनी दस्तावेजों और जानकारी को आसानी से खोजे जा सकने वाले और साझा करने योग्य संसाधन में रखे। मिस्टरआउल एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए खुश है, जहां शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, छात्रों और शिक्षकों के समुदाय अपनी अंतर्दृष्टि और व्याख्याएं चंद्रयान-2 द्वारा प्रसारित जानकारी के आधार पर साझा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह लोगों के लिए चंद्रमा मिशन के बारे में सब कुछ स्टोर, व्यवस्थित और साझा करने के लिए एक संसाधन भी होगा। हमें उम्मीद है कि उपयोगकर्ता चंद्रमा और हमारे सौर मंडल की उत्पत्ति के बारे में हमारी जानकारी और समझ का विस्तार करने के लिए समुदाय द्वारा क्यूरेटेड खोज का उपयोग करने में सक्षम होंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *