सरसों कच्ची घानी तेल में 30 रुपये का इजाफा, सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला और पामोलीन में भी तेजी

नई दिल्ली। विदेशों में तेजी के रुख के साथ मांग निकलने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सरसों, सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार रहा। बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में तेजी रहने से स्थानीय कारोबार पर इसका अनुकूल असर हुआ। इसके अलावा गर्मी के बाद बरसात के मौसम में धीरे-धीरे मांग बढऩे के कारण भी कारोबार में सुधार का रुख रहा। उन्होंने कहा कि आगे चल कर त्योहारों का सीजन शुरू होगा, तब मांग और बढ़ेगी। बीते सप्ताह, सरसों दाना का भाव पांच रुपये का लाभ दर्शाता 7,380-7,430 रुपये प्रति क्विन्टल हो गया, जो पिछले सप्ताहांत 7,375-7,425 रुपये प्रति क्विंटल था। सरसों दादरी तेल का भाव भी 10 रुपये बढ़कर 14,510 रुपये प्रति क्विन्टल हो गया। सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी टिनों के भाव भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में क्रमश: 30-30 रुपये का सुधार दर्शाते क्रमश: 2,375-2,425 रुपये और 2,475-2,585 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।सोयाबीन के स्टॉक की कमी और निर्यात के साथ-साथ भारी स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन तेल-तिलहनों के भाव सुधार के साथ बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि पामोलीन तेल की मांग बढऩे के बीच पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल में भी पर्याप्त सुधार आया। स्थानीय मांग बढऩे से मूंगफली तेल-तिलहनों के भाव में सुधार आया जबकि मांग बढऩे से बिनौला तेल भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में लाभ के साथ बंद हुए। सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की भारी स्थानीय और निर्यात मांग के कारण सोयाबीन दाना और लूज के भाव क्रमश: 55 रुपये और 50 रुपये का सुधार दर्शाते क्रमश: 7,700-7,750 रुपये और 7,595-7,695 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। मांग बढऩे से समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन दिल्ली (रिफाइंड) और सोयाबीन इंदौर के भाव 50-50 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 14,150 रुपये और 13,750 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। सोयाबीन डीगम 12,800 रुपये क्विन्टल पर अपरिवर्तित बना रहा। मांग निकलने से समीक्षाधीन सप्ताहांत में मूंगफली दाना 50 रुपये के सुधार के साथ 5,570-5,715 रुपये, मूंगफली गुजरात 150 रुपये सुधरकर 13,750 रुपये क्विन्टल तथा मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 20 रुपये के सुधार के साथ 2,120-2,250 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 10,460 रुपये क्विन्टल पर अपरिवर्तित बना रहा। जबकि मांग बढऩे से पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल का भाव 50 – 50 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 12,450 रुपये और 11,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। तेजी के आम रुख के अनुरूप स्थानीय मांग के कारण बिनौला तेल का भाव भी 10 रुपये सुधरकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 13,210 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन के बीज की कमी की वजह से लगभग 60 प्रतिशत पेराई मिलें बंद हो चुकी हैं। इसी तरह सरसों दाने की कमी के कारण लगभग 40-50 प्रतिशत सरसों पेराई मिलें बंद हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास सरसों का स्टॉक नहीं है, बल्कि तेल मिलों के पास बहुत सीमित मात्रा में स्टॉक हैं। जयपुर की मरुधर ट्रेडिंग कंपनी ने सरसों की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया कि अभी देश में सरसों के 86 लाख टन के कुल उत्पादन (जिसमें पिछले साल का लगभग बचा हुआ लगभग एक लाख टन का ‘कैरी फारवर्ड स्टॉक शामिल है) में से पिछले चार महीनों में लगभग 46 लाख टन सरसों की खपत हो चुकी है। किसानों के पास 35.5 लाख टन का स्टॉक बचा हुआ है और लगभग छह लाख टन तेल मिलों के पास है। अभी अगली फसल में लगभग आठ महीने बाकी हैं।

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