एनआईआईएफ ने पांच साल में 5,000 करोड़ रुपये से भी कम का इक्विटी निवेश किया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय निवेश एवं संरचना कोष (एनआईआईएफ) ने पिछले पांच साल में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 5,000 करोड़ रुपये से भी कम का निवेश किया है। इस कोष की स्थापना पांच साल पहले ही हुई थी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस 40,000 करोड़ रुपये के कोष की स्थापना दिसंबर, 2015 में ऐसे संस्थान के रूप में की गई थी, जिसे नयी, मौजूदा और अटकी परियोजनाओं में निवेश कर बुनियादी ढांचा क्षेत्र में वित्तपोषण बढ़ाना था। सूत्रों ने बताया कि सितंबर, 2020 तक एनआईआईएफ ने 4,689 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश किया है। वहीं उसके भागीदारों का सह-निवेश 7,053 करोड़ रुपये रहा है। सितंबर, 2020 तक एनआईआईएफ ने अपने भागीदारों के साथ 11,742 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं दीर्घावधि का ऋण निवेश 7,935 करोड़ रुपये है। इस तरह कुल निवेश 19,677 करोड़ रुपये रहा है। एनआईआईएफ की स्थापना श्रेणी दो वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के रूप में की गई थी। यह तीन कोषों….मास्टर फंड, फंड ऑफ फंड्स और स्ट्रैटेजिक अपॉरच्यूनिटीज फंड का प्रबंधन करता है। तीनों कोषों के तहत एनआईआईएफ की कुल प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) 4.4 अरब डॉलर है। नवंबर, 2020 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनआईआईएफ द्वारा प्रायोजित एनआईआई ऋण प्लेटफॉर्म में सरकार की ओर से 6,000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश को मंजूरी दी थी। इसमें असीम इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लि. (एआईएफएल) और एनआईआईएफ इन्फ्रास्क्ट्रचर फाइनेंस लि.(एनआईआईएफ-आईएफएल) शामिल हैं। इस राशि में से 2,000 करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष 2020-21 में आवंटित किए जाएंगे। शेष राशि अगले वित्त वर्ष में दी जाएगी। हालांकि, एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से सीमित राजकोषीय गुंजाइश को देखते हुए प्रस्तावित राशि तभी दी जाएगी, जबकि इसके लिए मांग होगी।

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