अब पुलिस भी रात आठ बजे के बाद शराब बिक्री रोकेगी

पुलिस मुख्यालय ने जारी किये आदेश-निर्देश

श्रीगंगानगर, 20 जून (का.सं.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पद्भार ग्रहण करने के तुरंत बाद शराब की दुकानों से रात आठ बजे के बाद बिक्री रोकने के लिए बड़े सख्त निर्देश दिये थे, जिस पर आबकारी विभाग ने शुरू में कई दिन तक सख्ती दिखाई थी। बिक्री रोकने के लिए अब तक आबकारी महकमा ही सक्षम था। इसमें पुलिस को सीधे हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं थी। कुछ वर्ष पूर्व आबकारी विभाग के आयुक्त ने ही ऐसे निर्देश-आदेश जारी किये थे, जिसमें शराब की दुकानों में रात आठ बजे के बाद अगर शराब बिक रही हो, तो सिर्फ आबकारी विभाग या आबकारी निरोधक पुलिस ही कार्यवाही कर सकती थी। सम्बन्धित थाने की पुलिस उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती थी। इस आदेश-निर्देश से पुलिस के हाथ-पांव बांध दिये गये थे। पुलिस महकमा चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता था। इसी आदेश-निर्देश की वजह से ही शराब ठेकेदार आबकारी विभाग और आबकारी निरोधक पुलिस के साथ मिलकर सारी रात अवैध रूप से शराब बेचने का खुला खेल खेल रहे हैं। ठेकों में शटर के नीचे अथवा दीवारों में छेद करके सरेआम शराब रात-दिन बेची जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो ठेकों के दरवाजे रातभर खुले रहते हैं।  अब जयपुर में प्रदेश मुख्यालय के अधिकारियों ने नये आदेश-निर्देश जारी किये हैं, जिसके तहत सम्बन्धित थानों की पुलिस को भी रात्रि 8 बजे के बाद जिस ठेके पर शराब बिक रही हो, वहां कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। आदेश में कहा गया है कि रात 8 बजते ही सम्बन्धित थानों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्र के ठेकों को बंद करवाये। अगर ठेका बंद नहीं है और चोरी-छिपे शराब बेची जा रही है, तो उस पर पुलिस सीधे कार्यवाही करे। इसमें जो अ’छा काम करेंगे, उन्हें पुरस्कार मिलेगा और जो लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कार्यवाही होगी। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों जयपुर में बुलाई एक बैठक में रात 8 बजे के बाद अवैध रूप से शराब बिकने की लगातार मिल रही शिकायतों को गम्भीरता से लिया। इस पर अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। समझा जाता है कि इसी के तहत प्रदेश पुलिस मुख्यालय से अब यह नये आदेश जारी हुए हैं। इसके तहत पुलिस वालों को अपने थाना क्षेत्रों में रात 8 बजे के बाद शराब की बिक्री बंद करवानी होगी। यदि कोई दुकान खुली रहती है या छेद व शटर के नीचे से शराब बेची जाती है, तो पहले इसकी फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कर कलक्टर या आबकारी अधिकारी को देनी होगी। इसमें कोताही या सांठ-गांठ पाई गई तो सम्बन्धित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही का प्रावधान किया गया है। नये निर्देशों में यह भी कहा गया है कि अवैध शराब की बिक्री-तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ राजपासा कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी। नाबालिग को शराब बेचते पकड़े पाये जाने पर शराब की दुकान का लाइसेंस ही रद्द कर दिया जायेगा। इसकी सूचना शराब की दुकानों पर लिखनी होगी। नये निर्देशों मेें यह भी कहा गया है कि अवैध शराब पकड़े जाने पर पूरी गहनता से जांच की जाये कि पकड़ा गया व्यक्ति यह शराब कहां से लेकर आया था। अभी तक पुलिस शराब पकड़ लेने के बाद आगे तफ्तीश नहीं करती कि यह शराब कहां से लाई गई थी। अब पुलिस को शराब देने-बेचने वाले को भी दबोचना होगा।

 

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