ओपेक और सहयोगी कटौती में कमी करेंगे, देंगे अधिक तेल उत्पादन की अनुमति

न्यूयार्क। तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के मंत्रियों ने तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई, और कहा कि अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने के लिए कदम उठाए जाने से तेल की मांग बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि आगे गंभीर लॉकडाउन के फैसले लिए जाते हैं तो वे आपातकालीन बैठक में उत्पादन बढ़ाने के अपने निर्णय की समीक्षा कर सकते हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में तेल की मांग कम होगी। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और अन्य देशों ने बुधवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कटौती में कमी करने पर सहमति व्यक्त की।उन्होंने पिछली बैठक में तैयार किए गए उत्पादन कार्यक्रम पर आगे बढऩे की इच्छा जताई, जिसके तहत देशों को पिछले कुछ महीनों के मुकाबले अगस्त में अधिक तेल उत्पादन करने की अनुमति दी गई थी। ओपेक में 13 देश हैं और इसमें सऊदी अरब का काफी हद तक वर्चस्व है। इसके अलावा अन्य तेल उत्पादक देशों का नेतृत्व रूस के पास है। बता दें मजबूत हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे वायदा कारोबार में बुधवार को कच्चातेल की कीमत 31 रुपये की तेजी के साथ 3,066 रुपये प्रति बैरल हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चातेल के जुलाई माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 31 रुपये अथवा 1.02 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,066 रुपये प्रति बैरल हो गई जिसमें 3,572 लॉट के लिए कारोबार हुआ।बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा अपने सौदों के आकाार को बढ़ाने के कारण यहां वायदा कारोबार में कच्चातेल वायदा कीमतों में तेजी आई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चातेल की कीमत 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 40.71 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 43.28 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

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