नकली उत्पाद ज़ब्त करने के बाद पुलिस दबाव में आई, मुकदमा दर्ज नहीं किया

Police came under pressure after confiscation of fake product

 

श्रीगंगानगर,12 सितंबर (का.सं.)। हनुमानगढ़ जिले के भादरा कस्बे में दो दुकानों से नामी ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पाद जब्त करने के बाद पुलिस ने आरोपित दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। इस मामले को लेकर लगभग 24 घंटे से कशमकश चल रही है। नकली उत्पाद पकड़वाने वाली प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों के मार्फत कल शाम को भादरा में दो दुकानों पर स्थानीय पुलिस की अगुवाई में छापे पड़वाए। इन दुकानों से बजाज, उषा, एलजी जैसे नामी कंपनियों के स्टीकर, लेबल और मारका लगे हुए गैस चूल्हे, इमरजेंसी टॉर्च तथा सिलाई मशीनें ज़ब्त की गई। इस कार्रवाई के दौरान कस्बे के व्यापारियों ने पुलिस और इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के फील्ड ऑफिसरों का विरोध ही नहीं किया बल्कि उनके साथ हाथापाई भी की। इन्वेस्टिगेशन एजेंसी द्वारा यह उत्पाद नकली होने और पूरी कार्रवाई के साक्ष्य देने के बाद ही भादरा थाना पुलिस ने आज देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। कस्बे के व्यापारी इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के कर्मचारियों पर ही आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने ही यह स्टीकर लेबल और मारका लगाएं हैं। दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार भादरा कस्बे में नामी कंपनियों के नकली उत्पाद बिकने की सूचना मिलने पर इन कंपनियों की ओर से अधिकृत स्पीड एंड सर्च इन्वेस्टिगेशन प्राइवेट एजेंसी चंडीगढ़ के फील्ड ऑफिसर दो-तीन दिन भादरा में रहकर इसकी पूरी पड़ताल की। एजेंसी की तरफ से बोगस ग्राहक दो दुकानों पर भेजे गए, जहां यह डुप्लीकेट उत्पाद बेचे जा रहे थे। बोगस ग्राहक ने गैस चूल्हे, इमरजेंसी टॉर्च व सिलाई मशीन का ऑर्डर दिया। इन फर्मों की तरफ से इस ग्राहक को माल तैयार हो जाने के मैसेज व्हाट्सएप पर करते हुए ले जाने के लिए कहा। इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के फील्ड ऑफिसर परविंदर सिंह ने बताया कि जब पूरी तरह से पुख्ता हो गया कि इन फर्मों के यहां नकली माल बेचा जा रहा है तो उन्होंने कल बुधवार सुबह हनुमानगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जानकारी और साक्ष्य दिए। उनके निर्देश पर एजेंसी की टीम शाम को भादरा पहुंची। स्थानीय थाना से सब इंस्पेक्टर भगवानसिंह व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने इन फर्मों पर छापे मारे। फील्ड ऑफिसर के अनुसार दोनों दुकानों से उषा कंपनी का मारका लगी हुई लगभग दो दर्जन सिलाई मशीनें बरामद हुई। वास्तव में यह मशीनें किसी और निम्न स्तरीय कंपनी की है। इस पर स्टीकर और मारका उषा का लगा हुआ है। जानकार सूत्रों ने बताया कि मशीन के नीचे उसकी असली कंपनी का नाम अंकित है। इसी प्रकार बजाज कंपनी के स्टीकर और मारका लगी हुई 50 से अधिक इमरजेंसी टॉर्च ज़ब्त की गई। इन पर भी किसी और कंपनी का नीचे की तरफ लेबल लगा हुआ है। फील्ड ऑफिसर ने बताया कि दोनों दुकानों से 50 से अधिक गैस चूल्हे बरामद किए हैं, जिन पर एलजी कंपनी का ठप्पा लगा हुआ है। असल में यह चूल्हे भी किसी और कंपनी के हैं। जब यह कार्रवाई चल रही थी तभी दुकानदार इक_े होकर इसका विरोध करने लगे। दुकानदारों ने उल्टे इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के बोगस ग्राहक पर आरोप लगाने शुरू कर दिए कि उसने ही उनकी दुकान में बैठकर नामी कंपनियों के स्टीकर और मारता लगाए हैं जबकि इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने ऐसे सबूत पुलिस को दिए हैं, जिससे जाहिर हो रहा है कि व्यापारी और दुकानदार अपने बचाव के लिए यह झूठा विरोध कर रहे हैं। मामले के तूल पकड़ते देख कर इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के डायरेक्टर रमेश दत्त शर्मा आज दोपहर चंडीगढ़ से भादरा पहुंच गए। उन्होंने थाना प्रभारी को पूरी जानकारी दी। उन्होंने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। भादरा पुलिस का कहना है कि व्यापारियों और दुकानदारों के प्रत्यारोप को देखते हुए पहले पूरे मामले की जांच की जाएगी। शाम को इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के डायरेक्टर अपने फील्ड ऑफिसर ओं के साथ हनुमानगढ़ जंक्शन में पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं किया गया था। फील्ड ऑफिसर इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के अधिकारी इस पूरे मामले को लेकर भादरा पुलिस के रवैए से काफी क्षुब्द नजर आए। उनका कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पूर्व में सारे मामले की जानकारी देकर उनके निर्देशन में ही भादरा थाना पुलिस ने दुकानों पर छापे मारकर यह नकली उत्पाद बरामद किए। अब व्यापारियों के दबाव में आकर पुलिस उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं कर रही।

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