आर्थिक रफ्तार बढ़ाने के लिए और ढांचागत सुधारों की तैयारी : अमिताभ कांत

 

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था को ऊंची वृद्घि की राह पर ले जाने के लिए सरकार आगामी दिनों में कई और ढांचागत सुधारोंकी तैयारी में है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने यह जानकारी दी। कांत ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के एक कार्यक्रम भारत आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान देश की अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है। 2017-18 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्घि दर 8.1 प्रतिशत थी, जो 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर 5 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक और सरकार ने देश को फिर ऊंची वृद्घि दर की राह पर ले जाने के लिए कई कदम उठाए हैं।इस साल अब तक भारतीय रिजर्व बैंक प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 1.10 प्रतिशत कटौती कर चुका है। लेकिन, मौद्रिक नीति ढीली करने की अपनी सीमाएं हैं। इसलिए सरकार ने भी अपनी ओर से कई उपाय किए हैं। नीति आयोग के सीईओ ने कहा, मुझे लगता है कि अभी कई और ढांचागत सुधार किए जाएंगे।सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में विनिवेश को आगे बढ़ा रही है। मैं आपसे कह सकता हूं कि हमने संपत्तियों के मौद्रिकरण (एक तरह से बेचना) के लिए बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। हमारा मानना है कि नई परियोजनाओं के बजाय निवेशक पहले से चल रही परियोजनाओं में निवेश करने के लिए आगे आएं। अमिताभ कांत 1980 बैच के ढ्ढ्रस् अधिकारी हैं। जून 2019 से वह हृढ्ढञ्जढ्ढ ्रड्ड4शद्द के सीईओ हैं। हृढ्ढञ्जढ्ढ आर्थिक विकास को उत्प्रेरित करने के लिए एक सरकारी संस्थान है। नीति आयोग भारत सरकार का वह थिंक टैंक है, जिसका उद्देश्य अपने विजन का उपयोग करते हुए आर्थिक नीति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की राज्य सरकारों की भागीदारी को बढ़ावा देकर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

 

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