राजीव गांधी की चीन यात्रा से हुई थी दोनों देशों में सार्थक संवाद की शुरुआत : कांग्रेस

 

नई दिल्ली,12 अक्टूबर (का.सं.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच अनौपचारिक शिखर बैठक की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चीन यात्रा से दोनों देशों में सार्थक संवाद की शुरुआत हुई थी और यह सिलसिला लगातार जारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ”मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी ने उस मुद्दे की चर्चा की होगी जो भारत का पूर्णत: आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, ”अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों और सरकारों का स्पष्ट रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारत के आंतरिक मामले में किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है। शर्मा ने कहा, ”भारत और चीन सिर्फ दो पड़ोसी, दो बड़ी अर्थव्यवस्था, दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देश ही नहीं हैं, बल्कि कई अनसुलझे मुद्दों की जटिलताओं के बावजूद दोनों के बीच साझेदारी बहुआयामी है। भारत हमेशा से सार्थक रूप से संवाद करता रहा है। इसकी शुरुआत 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चीन दौरे के समय से हुई। उन्होंने कहा कि इसके बाद संवाद का सिलसिला बना रहा और संप्रग सरकार के समय दोनों देशों के बीच परिपक्व समझ विकसित हुई। संवाद और संपर्क का यह सिलसिला अब भी चल रहा है।

 

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