दुनिया की कोई ताकत हमारी एक इंच जमीन भी नहीं ले सकती-राजनाथ

लद्दाख से राजनाथ की चीन को चुनौती : रक्षा मंत्री ने कहा-
स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश करने वाले को मुंहतोड़ जवाब देंगे

नई दिल्ली, 17 जुलाई (एजेन्सी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को लद्दाख दौरे पर पहुंचे। उन्होंने लेह में लुकुंग फॉरवर्ड लोकेशन पर जवानों से बात की। राजनाथ ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हमारी एक इंच जमीन को छू भी नहीं सकती। राजनाथ का चीन का नाम लिए बिना कहा कि सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा, लेकिन गारंटी नहीं दे सकता कि कितना समाधान होगा। लद्दाख दौरे के बाद राजनाथ श्रीनगर पहुंच गए। वे जम्मू-कश्मीर में भी फॉरवर्ड लोकेशंस का दौरा करेंगे।
लद्दाख में राजनाथ ने सैनिकों से कहा- आप सब पर नाज है ‘आपके बीच आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। आप पर भरोसा है। भरोसा रखिए, भारत कमजोर नहीं है। हमारे स्वाभिमान पर कोई चोट नहीं कर सकता। इस फॉरवर्ड पोस्ट पर आपके बीच आकर खुशी हो रही है। करगिल युद्ध में हमारे जिन जवानों ने शहादत दी, उन्हें भी नमन करता हूं। उनकी शहादत हमारे लिए प्रेरणा की तरह काम करती है। भारत की एक इंच जमीन को भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, कब्जा नहीं कर सकती। भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने विश्व में शांति का संदेश दिया है। हम अशांति नहीं शांति चाहते। हमारा चरित्र रहा है कि हमने दुनिया के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की। लेकिन कोई हमारे स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। इससे पहले राजनाथ ने स्टकना फॉरवर्ड लोकेशन पर जवानों की पैरा ट्रूपिंग और सैन्य अभ्यास देखा। राजनाथ के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी हैं। गलवान की घटना के बाद राजनाथ पहली बार लद्दाख का दौरा किया। 15 जून को गलवान घाटी में चीन से झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे।मोदी के लद्दाख दौरे के 13 दिन बाद राजनाथ पहुंचे इससे पहले राजनाथ का 2 जुलाई को लद्दाख जाने का प्रोग्राम था, लेकिन टाल दिया गया। उसके अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लद्दाख पहुंच गए। मोदी ने चीन से झड़प में शामिल जवानों का हौसला बढ़ाया और चीन को चुनौती देते हुए उसकी विस्तारवादी नीति पर निशाना साधा था। भारत-चीन के बीच डिसएंगेजमेंट का पहला फेज पूरा, दूसरे में दिक्कत मोदी के दौरे के 2 दिन बाद यानी 5 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की चीन के विदेश मंत्री वांग यी से वीडियो कॉल पर बात हुई। उसके बाद चीन झुक गया और लद्दाख के विवादित इलाकों से अपनी सेना हटाने को राजी हो गया। पहले फेज का डिसएंगेजमेंट पूरा भी हो चुका है। हालांकि, दूसरे फेज में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। न्यूज एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि पैंगोग त्सो और देपसांग इलाकों में चीन विवाद से पहले की स्थिति में लौटने को तैयार नहीं हो रहा। इस मुद्दे पर भारत-चीन के बीच मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत हुई जो साढ़े चौदह घंटे चली थी।

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