अगर हमारे जमाने में होता यो-यो टेस्ट तो सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण कभी ना कर पाते पास

 

 सहवाग का खुलासा…

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले कुछ सालों से यो-यो टेस्ट भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने का बड़ा पैमाना बना हुआ है। यही वजह है कि यो-यो टेस्ट के चलते कई बड़े खिलाडी टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। हाल ही में वरूण चक्रवर्ती और राहुल तेवतिया भी यो-यो टेस्ट में फेल होने के कारण टीम इंडिया की ओर से डेब्यू नहीं कर सके। इस बीच भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने यो-यो टेस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। सहवाग ने कहा है कि यो-यो टेस्ट की बजाय स्किल को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सहवाग ने क्रिकबिज को दिए एक इंटरव्यू में ये बात कही।
सहवाग ने ये बयान एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए दिया। फैन ने सवाल पूछा था कि अगर हार्दिक पांड्या गेंदबाजी करने के लिए फिट नहीं थे, तो टीम प्रबंधन ने उन्हें टी-20 में क्यों चुना और चक्रवर्ती को मौका क्यों नहीं मिला। इस पर सहवाग ने कहा, ‘फिटनेस नंबर-1 मापदंड नहीं था?
सहवाग ने कहा कि अगर उनके समय में यो-यो टेस्ट मौजूद होता, तो शायद सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण खेल ही नहीं पाते। ये महान क्रिकेटर्स अक्सर बीप टेस्ट में 12.5 के पैमाने से चूक जाते थे, जो उनके खेल के दिनों में होता था। उन्होंने कहा कि मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं, यहां हम यो-यो टेस्ट के बारे में बात कर रहे हैं, हार्दिक पांड्या के साथ रनिंग का मुद्दे नहीं हैं, उनकी गेंदबाजी के कारण उनके पास काम का बोझ है। हालांकि, दूसरी ओर, अश्विन और (वरुण) चक्रवर्ती ने यो-यो टेस्ट पास नहीं किया है, वे यहाँ क्यों नहीं हैं लेकिन मैं इस सब से सहमत नहीं होता, अगर ये मापदंड पहले से मौजूद होते, तो सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली कभी ये पास नहीं कर पाते। मैंने उन्हें कभी बीप टेस्ट पास करते नहीं देखा। वे हमेशा 12.5 अंक से कम रह जाते थे।पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि स्किल महत्वपूर्ण है, आज अगर आप खेल रहे हैं, लेकिन आपके पास स्किल नहीं है, तो आप अंतत: हार जाएंगे। उन्हें अपने स्किल के आधार पर चलाएं, धीरे-धीरे आप समय के साथ उनकी फिटनेस में सुधार कर सकते हैं लेकिन अगर यो-यो टेस्ट सीधे लागू किया जाता हैं, तो बात अलग हैं। यदि कोई खिलाड़ी 10 ओवर गेंदबाजी और फिल्डिंग कर सकता है, तो उसे पर्याप्त होना चाहिए, हमें अन्य चीजों के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए।

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