70 व्यक्तियों का काफिला लेकर आए ट्रक ट्रेलर की तलाश

पुलिस के सात स्थानों को पार करके श्रीगंगानगर तक पहुंच गया ट्रक ट्रेलर

श्रीगंगानगर, 17 अप्रैल (का.सं.)। कोराना वायरस संक्रमण लोक डाउन के दौरान बीकानेर जिले से 70 व्यक्तियों के काफिले को लेकर श्रीगंगानगर के समीप पहुंचे एक ट्रक ट्रेलर की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। यह ट्रक ट्रेलर कल देर शाम को श्रीगंगानगर-सूरतगढ़ रोड नेशनल हाईवे 62 पर यहां से लगभग 15 किमी दूर महियांवाली के पास इन व्यक्तियों को छोड़ कर वापस सूरतगढ़ की तरफ चला गया। चूनावढ थाना प्रभारी परमेश्वर सुथार ने आज बताया कि इस हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से ट्रक टेलर के नंबर ट्रेस कर उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े जाने पर ट्रेलर चालक पर लोक डाउन के उगंघन और महामारी संक्रमण फैलने के अंदेशे में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रक ट्रेलर में आए सभी 70 व्यक्तियों को महियांवाली के पास बनाए गए एक क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है। इनमें 20 महिलाएं और 15 ब’चे भी हैं।यह सभी अपने को स्वस्थ बता रहे हैं लेकिन इनके स्वास्थ्य का परीक्षण चल रहा है। लगभग सभी व्यक्ति पंजाब के मुक्तसर जिले के मलोट, गिद्दड़बाहा शहरों व इसके आसपास के गांवों और कस्बों के हैं। यह लोग पिछले माह होली से पहले मजदूरी करने के लिए बीकानेर जिले में गए थे। विगत 14 अप्रैल को लाक डाउन की अवधि बढ़ा दिए जाने पर यह पैदल पंजाब की तरफ चल पड़े। थाना प्रभारी ने बताया कि इन लोगों को बीकानेर जिले में जामसर थाना क्षेत्र में खारा इंडस्ट्रीयल एरिया के पास ट्रक ट्रेलर मिल गया। ट्रेलर चालक ने प्रति व्यक्ति 400 रुपए भाड़ा तय कर सभी को बिठा लिया। उन्होंने बताया कि 18 टायर वाले ट्रेलर में इन सभी व्यक्तियों को पीछे खाली डाले में बिठाया गया। कल गुरुवार सुबह खारा इंडस्ट्रीयल एरिया से रवाना हुआ ट्रक ट्रेलर बीकानेर जिले में जामसर, लूणकरणसर महाजन और श्रीगंगानगर जिले में राजियासर, सूरतगढ़ शहर और सदर, हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला थाना के अधीन कैंचियां पुलिस चौकी, श्रीगंगानगर जिले में लालगढ़ जाटान थाना अंतर्गत गणेशगढ़ पुलिस चौकी पर बिना किसी रोक-टोक के शाम को चूनावढ थाना अंतर्गत महियांवाली टोल नाके तक पहुंच गया। टोल नाके से पहले चालक ने ट्रेलर रोककर सभी को नीचे उतारा और वापिस भाग गया। उसे संभवत आगे पकड़े जाने का संदेह हो गया। ट्रक टेलर दोनों जिलों के सात पुलिस थाना के सीमा क्षेत्रों से होते हुए श्रीगंगानगर के समीप तक आ गया। रास्ते में कहीं भी इस ट्रेलर को किसी भी नाके पर पुलिस ने रोककर चैक नहीं किया। सबसे अहम बात यह है कि श्रीगंगानगर और बीकानेर जिला की सीमाओं पर कड़ी नाकेबंदी है। राजियासर थाना क्षेत्र में हाईवे पर अर्जुनसर मोड़ के पास दोनों जिलों की पुलिस और प्रशासन द्वारा संयुक्त नाका लगाया हुआ है। वहां से भी ट्रेलर निकल कर आ गया जो कि एक गंभीर लापरवाही है। इस लापरवाही की जांच वांछित है। बीकानेर जिला कोरोना वायरस की चपेट में है। श्रीगंगानगर जिला लोक डाउन के इतने दिन बाद भी बचा हुआ है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही चलती रही तो श्रीगंगानगर जिला भी वायरस की चपेट में आने से बच नहीं पाएगा। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाया जाना आवश्यक है।दो और रिपोर्ट नेगेटिव, तीन सैंपल भेजें श्रीगंगानगर जिले के लिए आज का दिन भी सुखद रहा। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि बीकानेर भेजे गए दो और सैंपल की रिपोर्ट आज शाम नेगेटिव प्राप्त हुई है। अभी तक जिले से कुल 252 सैंपल भेजे गए। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।आज तीन और व्यक्तियों के सैंपल भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट कल तक आने की संभावना है। पिछले एक सप्ताह से खांसी बुखार से ग्रसित व्यक्तियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इस कारण अब सैंपल भी बहुत कम जांच के लिए लिए जा रहे हैं।लगातार बढ़ रही है आवाजाही राजस्थान के आठ सुरक्षित जिलों में शामिल श्रीगंगानगर में संदिग्ध कोरोना संक्रमित सभी व्यक्तियों की अभी तक नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त होना एक बड़ी राहत है। वही लॉक डाउन की पालना करवाने के मामले में प्रशासन और पुलिस की सख्ती अब कुछ ढीली पडऩे लगी है। इसके चलते आवाजाही पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अभी तक जिला सुरक्षित होने के कारण यहां के लोगों में कोरोना को लेकर वह कम हो गया है। पूरे जिले की सीमाएं चारों तरफ से सील हैं। एक तरफ पाकिस्तान की सीमा है तो दूसरी तरफ पंजाब की। हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों के साथ की सीमाओं पर आवाजाही पूरी तरह से रोकी हुई है। लिहाजा जिले के अंदर ही लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। हाल के दिनों में कई तरह की छूट भी दी गई हैं। इस कारण भी आवाजाही में इजाफा हुआ है, लेकिन बाहर से सब कुछ रोका हुआ है। मगर दूसरी तरफ आशंका जताई जाने लगी है कि अगर इस अंदरूनी आवाजाही और राजियासर तथा रावला थाना क्षेत्रों के चेक पॉइंट पर बरती जा रही लापरवाही की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो यह जिला भी नहीं बच पाएगा।

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