स्माइल फाउण्डेशन ने भीलवाड़ा में नवकिरण प्रोजेक्ट लांच किया

डिजीटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती हैल्थकेयर उपलब्ध कराने की पहल

भीलवाड़ा। अग्रणी पहल ई-डॉक्टर क्लीनिक जिससे की रोगी को घर पर ही गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके आज राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर ब्लॉक में लांच की गई। यह स्माइल फाउंडेशन और कर्मा हेल्थकेयर, जो कि विदेशी मामलात एवं व्यापार विभाग (डीएफएटी), ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा समर्थित हैं, की एक संयुक्त पहल, ई-डॉक्टर क्लीनिक समाज के हर वर्ग तक सहज पहुंच और कम लागत वाली प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के संयोजन के माध्यम से काम करेगी जिसमें योग्य चिकित्सा कर्मचारियों द्वारा सेवाएं प्रदान की जाएगी।इस परियोजना के तहत हैल्थकेयर के बुनियादी ढाँचे में मौजूद अन्तर और स्वास्थ्य चाहने वाले की जरूरतों को पूरा करते हुए, योग्य डॉक्टरों की सुलभता सुनिश्चित करने का काम करेगीं। स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता, उपलब्ध और सुलभ बनाने के लिए, स्माइल फाउंडेशन और कर्मा हेल्थकेयर दूरस्थ क्षेत्रों में क्लीनिक स्थापित करने, जागरूकता फैलाने और प्रौद्योगिकी अनुकूलन के लिए पिछले चार महीने से अधिक समय से काम कर रहे हैं। इस परियोजना का ‘हब एंड स्पोक अप्रोचÓ समुदायों को सुसज्जित सेन्ट्रल क्लीनिक के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जुडऩे के लिए दूरदराज के क्लीनिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग करके प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की एक श्रृंखला तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।इस औपचारिक लांच के अवसर पर डॉ. तिमोथी केंडल, इकोनॉमिक काउन्सलर, ऑस्टेऊलिया उच्चायोग, रेखा चंदेल, चैयरमैन, नगर पालिका, गंगापुर, भीलवाड़ा, डॉ. एम.एल. जैन, एमडी कम्यूनिटी मेडिसिन सेवानिवृत निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (आरसीएच/एसआईएचएफडब्ल्यू) और स्माइल फाउण्डेशन के डायरेक्टर प्रोग्राम एवं प्रोग्राम डेवलपमेंट श्री सुब्रतो रॉय उपस्थित रहे।इस अवसर पर डॉ. तिमोथी केंडल ने कहा ”हम इस परियोजना के तहत स्वास्थ्य सेवा लाने के लिए स्माइल फाउंडेशन का समर्थन करने के लिए बहुत खुश हैं, जिससे वंचित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुच सके इस प्रकार यह स्वास्थ्य के लिए वैश्विक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के प्रयासों को प्रभावी ढंग से पूरी करता है।”स्माइल फाउण्डेशन के सहसंस्थापक एवं एक्जीक्यूटिव ट्रस्टी शांतुनू मिश्रा ने कहा ”गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती हेल्थकेयर तक पहुंच होने से निर्धन वर्ग के हालातों में और भी सुधार आएगा। यह परियोजना केवल अधिक आबादी तक गुणवत्तापूर्ण हैल्थकेयर पहुंचाने तक ही सीमित नहीं है अपितु इसका असर आगे चल कर उनके जेब खर्च को और कम करने में सहायक होगा।”
डॉ. एम.एल. जैन का कहना था “मेरा यह मानना है कि यह मॉडल लागत-कुशल तरीके से स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर सकता है। यह हमें सतत विकास लक्ष्य-3 से संबंधित अच्छे स्वास्थ्य और सभी के लिए कल्याण प्राप्त करने की दिशा में प्रमुख कदम उठाने में अग्रसर करेगा। कर्मा हेल्थकेयर एक पुनीत और अत्यधिक प्रासंगिक उपक्रम है जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत को सस्ती गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए डिजीटल कनेक्टिविटी का उपयोग करता है।

 

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