सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-4 वाहनों की बिक्री की समय सीमा बढ़ाई

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में लागू लॉकडाउन खत्म होने के बाद बीएस-4 मानक वाले वाहनों की दिल्ली-एनसीआर के बाहर दस दिन के लिए बिक्री की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने इससे पहले बीएस-4 मानक वाले वाहनों की बिक्री की समय सीमा 31 मार्च, 2020 निर्धारित की थी। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने फेडरेशन ऑफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। इस संगठन ने देश में कोराना वायरस की दहशत और आर्थिक मंदी के मद्देनजर न्यायालय से बीएस-4 मानक वाले बचे हुए वाहनों की बिक्री की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने इस याचिका की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की और स्पष्ट किया कि एक अप्रैल 2020 से बीएस-4 मानक वाले वाहनों की बिक्री दिल्ली-एनसीआर में नहीं होगी। पीठ ने कहा कि देश में 24 मार्च से लागू लॉकडाउन खत्म होने के बाद सिर्फ 10 दिन के लिए बीएस-4 मानक वाले बचे हुए स्टॉक में से सिर्फ 10 फीसदी वाहनों की बिक्री की अनुमति दी जा सकती है। सरकार ने मोटर वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए भारत स्टेज मानक निर्धारित किए हैं। देश में अप्रैल, 2017 से बीएस-4 मानक लागू हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बीएस-4 मानक वाले ऐसे वाहनों, जिनकी बिक्री हो चुकी है लेकिन लॉकडाउन की वजह से उनका पंजीकरण नहीं हुआ है, का लॉकडाउन खत्म होने के बाद पंजीकरण कराया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने आटोमोबाइल डीलरों को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर उन वाहनों का विवरण दें जिनकी बिक्री नहीं हुई है। केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने गोवा से और एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने अपने कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले में बहस की। लगातार नहीं बढ़ सकती है बिक्री की समय सीमा-सुनवाई के दौरान विश्वनाथन ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन और आर्थिक मंदी की वजह से यह समय सीमा बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि अभी बीएस-4 मानक वाले सात हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की 1.7 लाख से ज्यादा कारें और 14,000 वाणिज्यिक वाहनों को बेचा जाना शेष है। उन्होंने यह अवधि 31 मई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह लगातार इन मानको के वाहनो की बिक्री की समय सीमा नहीं बढ़ा सकती है और डीलरों को त्याग के लिए तैयार रहना चाहिए। पर्यावरण के लिए कुछ न कुछ करना ही होगा-न्यायालय ने कहा कि देश के पर्यावरण के लिए कुछ न कुछ करना ही होगा। पीठ ने इसके साथ ही एसोसिएशन और होंडा इंडिया के आवेदनों का निस्तारण कर दिया। इन्होंने इन आवेदन में शीर्ष अदालत के 24 अक्टूबर, 2018 के आदेश में संशोधन का अनुरोध किया था। इसी आदेश के तहत न्यायालय ने बीएस-4 मानक वाले वाहनों की बिक्री के लिए 31 मार्च, 2020 की समय सीमा निर्धारित की थी।

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