इंदिरा गांधी और सरदार पटेल के जीवन से देश की एकता और अखण्डता के लिए कार्य करने की प्रेरणा लें : कल्ला

 

जवाहर कला केन्द्र में स्मृति संवाद कार्यक्रम

जयपुर, 31 अक्टूबर (कासं.)। कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा है कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी और स्व. सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लेकर आज की युवा पीढ़ी देश की एकता और अखण्डता के लिए कार्य करने का संकल्प ले। जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि और सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर गुरूवार को आयोजित ‘स्मृति संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में डॉ. कल्ला ने कहा कि इन महान विभूतियों के अविस्मरणीय योगदान से हम सभी को सदैव अपने जीवन में देश के लिए कुछ कर गुजरने की सीख मिलती है। उन्होंने इस अवसर कार्यशील जनसंख्या का हिस्सा बनकर सुयोग्य नागरिक के रूप में संयमशील और नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। कला, सहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि इंदिरा जी ने देश के नवनिर्माण में अपूर्व योगदान दिया। उन्होंने देश में नौजवानों की समस्याओं के बारे में नेहरू जी, गांधी जी और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्पर्क में रहते हुए बेरोजगारी दूर करने के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी ने दूरदृष्टि, पक्का इरादा और अनुशासन पर अडिग रहते हुए इन तीन सूत्रों को अपनाने के लिए सभी को प्रेरित किया, आज की नौजवान पीढ़ी इनको अपने जीवन में आत्मसात करें।डॉ. कल्ला ने कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण के ऐतिहासिक निर्णय से इंदिरा जी ने बैंकों के दरवाजे खोमचेवाले, ठेलेवाले और रिक्शेवाले सहित आम आदमी के लिए खोल दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा जी के जैसलमेर और माउण्ट आबू के दौरों सहित यहां की कला, संस्कृति और लोगों के प्रति प्रेम और सम्मान से जुड़े संस्मरणों को भी साझा किया। कला साहित्य और संस्कृति मंत्री ने लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए कहा कि गांधी जी के सम्पर्क में आने के बाद वे अपने निर्भीक विचारों के लिए प्रसिद्ध हुए। उन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण के ऐतिहासिक कार्य के साथ राष्ट्र के निर्माण में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखण्डता के लिए हम अपने जीवन में क्या कर सकते हैं ? इस प्रश्न का जवाब हमें सरदार पटेल के जीवन से बखूबी मिलता है। कार्यक्रम में प्रख्यात गांधीवादी विचारक और चिंतक डॉ. एस. एन सुब्बाराव ने कहा कि दुनिया में भारत का बड़ा नाम है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम स्वयं ईमानदार नागरिक बनकर देश की सेवा करे और अपने आस-पास ऐसा ही माहौल तैयार कर ईमानदार भारत के निर्माण में योगदान करने का प्रण करें। उन्होंने प्रदेश में शांति और अहिंसा का विभाग खोलने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि आज देश को ईमानदार और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की जरूरत है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश में समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के कार्यक्रमों को आगामी एक वर्ष तक चलाए जाने के निर्णय की भी तारीफ की।
डॉ. सुब्बाराव के साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता और देश प्रेम का गीत ‘एक दुलारा, देश हमारा, प्यारा हिंदुस्तान……’ भी समवेत स्वरों में गाया। कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी डॉ. डी. आर. मेहता ने अपने उद्बोधन में इंदिरा गांधी की प्रधानमंत्री के रूप में राजस्थान यात्राओं के संस्मरणों पर प्रकाश डाला। पूर्व मुख्य वन संरक्षक आर. एन. मेहरोत्रा ने इंदिरा गांधी के वन, पर्यावरण और वन्य जीवों के प्रति लगाव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए अपना उद्बोधन दिया। सेवानिवृत आईएएस मीनाहूजा और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पूर्व आयुक्त एस. एस. बिस्सा ने भी सरदार पटेल के देश के लिए योगदान और अविस्मरणीय कार्यों पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में गांधीवादी विचारक, चिंतक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 01

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