शादी के तीन महीने बाद दलित किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया

श्रीगंगानगर, 2 मार्च (का.सं.)। चुरू जिले में सांडवा थाना क्षेत्र में एक दलित वर्ग की किशोरी ने शादी के तीन महीने बाद बच्ची को जन्म दिया है। बालिका ने आरोप लगाया है कि शादी से पूर्व उसके गांव के एक युवक ने उसका कई बार जबरन शारीरिक शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। इस युवक के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जो कि फरार हो गया है। उसे पकडऩे के लिए एक पुलिस दल पीछा कर रहा है। सांडवा थाना प्रभारी इंदरलाल ने बताया कि लाडनूं कस्बे के एक निजी अस्पताल में 16 वर्षीय विवाहित किशोरी को परिवार वालों ने प्रसव वेदना होने पर 29 फरवरी को भर्ती करवाया। उसी रात को ही किशोरी ने पूरे 9 माह की एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलने पर कल देर शाम को निजी अस्पताल में जाकर पुलिस ने किशोरी के बयान दर्ज किए। करीब 16 वर्षीय पीडि़ता ने बताया है कि उसकी शादी 28 नवंबर 2019 को हुई है। शादी से लगभग 6-7 महीने पहले एक दिन उसके मां-बाप किसी रिश्तेदारी में गए हुए थे। भाई भाभी और छोटी बहन अलग-अलग दूसरे कमरों में सोए हुए थे। वह रात को अपने कमरे में अकेली थी। उसी रात को गांव के एक युवक रणजीत जाट ने चुपचाप घर में प्रवेश कर उसे अकेले सोते हुए को पकड़ लिया। उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीडि़ता के अनुसार लोकलाज वश उसने किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद भी रणजीत ने दो-तीन बार डरा धमका कर उससे दुष्कर्म किया। विगत 28 नवंबर को घर वालों ने उसकी शादी कर दी। अब उसने बच्ची को जन्म दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार जिस समय इस किशोरी की शादी की गई, वह करीब 6 माह से गर्भवती थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि किशोरी के गर्भवती होने का उसके घर वालों को तो पता था ही, शादी के समय ससुराल वालों को भी इसकी जानकारी थी। पीडि़ता के बयान के आधार पर पोक्सो एक्ट के साथ अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। इसकी जांच डीएसपी नरेंद्र शर्मा कर रहे हैं।आरोपित रणजीत अ गांव से गायब है। उसकी तलाश की जा रही है।

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