बेटी के पढ़ाने से दो परिवार शिक्षित होते हैं : राज्यपाल

जयपुर, 27 नवंबर (एजेंसी)। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा की बेटियों को आगे बढ़ाना जरूरी है। बेटियों को शिक्षा दिलाना आवश्यक है। बेटी के पढ़ाने से दो परिवार शिक्षित होते हैं। गांवों में बेटियों की प्रतिभा अनेक बार छिपी रह जाती है। अब बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने के स्वर्णिम अवसर उपलब्ध हो जाएंगे। नृत्य शाला के आरम्भ होने से बेटियां गीत, संगीत, नृत्य जैसे क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को उजागर कर सकेंगी। इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं है। सांस्कृतिक क्षेत्र का विकास बहुत जरूरी है। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं को आगे बढ़ाने में नृत्यशाला महत्वपूर्ण मंच बन सकेगी, ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है। राज्यपाल बधुवार को मथुरा के मांठ स्थित ब्रज आदर्श कन्या विद्यालय, में नवनिर्मित विशाल नृत्यशाला के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। ब्रज आदर्श कन्या विद्यालय में विशाल नृत्यशाला का राज्यपाल मिश्र व सांसद हेमा मालिनी ने लाकार्पण किया। मिश्र ने कहा की गांव के विद्यालय में सांस्कृतिक क्षेत्र को बढ़ावा देने का यह अभूतपूर्व प्रयास है। यहां हम हमारी बेटियों में छिपी गीत-संगीत की प्रतिभा को उजागर कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर बेटियों की प्रतिभा दबी रह जाती है। उन्हें बाहर नहीं भेजे जाने से वे अपनी प्रतिभा को विकसित नहीं कर पाती है। अब स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट स्तर की सुविधा मिलने से हमारी बेटियां आगे बढ़ सकेंगी। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा मानव के लिए बहुत ही आवश्यक है, शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा रूपी उजाले से व्यक्ति में ज्ञान आता है। महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज का पढ़ा लिखा व्यक्ति लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकने में मदद करता है। पिछले समय में बालिका शिक्षा को कभी आवश्यक नहीं माना गया था। लेकिन समय के साथ लोगों ने बालिका के लिए शिक्षा के महत्व को महसूस किया। आज बालिकाएं शिक्षित होकर समाज में बदलाव ला रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि एक देश को पूर्ण तरीेके से विकास करने के लिए उसका सही तरीेके से लिंग अनुपात बरकरार रखना बेहद जरूरी होता है। इसी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओÓ योजना की शुरूआत की। मिश्र ने कहा कि एक वाक्य मेें कहें तो बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना व महिला सुरक्षा एवं नारी सशक्तिकरण का प्रयास है। इस योजना का सबसे सीधा प्रभाव कन्या भू्रण हत्या व शिशु हत्या रोकथाम पर हो रहा है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से लिंग – अनुपात कम करने में काफी असर होगा। इससे कन्या भू्रण हत्या एवं बेटे – बेटी के बीच बढ़ते हुए भेदभाव में कमी आएगी। बाल विवाह में कमी व बालिका शिक्षा में बढ़ोतरी होगी। समारोह में मथुरा की सांसद हेमामालिनी सहित अनेक गणमान्य नागरिकगण मौजूद थे।

 

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