रसेल, नरेन और शाकिब समेत 7 ऑलराउंडर्स की मौजूदगी से टीम मजबूत; स्पिनर्स की फॉर्म और फिटनेस टीम के लिए बन सकती है परेशानी

 

Two-time IPL champion Kolkata Knight Riders
Two-time IPL champion Kolkata Knight Riders

चेन्नई (एजेंसी)। दो बार की आईपीएल चैम्पियन कोलकाता नाइटराइडर्स इस साल 7 साल के सूखे को खत्म कर ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी। टीम ने पिछली बार 2014 में खिताब जीता था। टीम 13वें सीजन के मुकाबले इस सीजन काफी बैलेंस्ड नजर आ रही है। स्क्वॉड में आंद्रे रसेल, सुनील नरेन और शाकिब अल हसन समेत 7 ऑलराउंडर्स की मौजूदगी से टीम को मजबूती मिली है। हालांकि, टीम के स्पिनर्स का फॉर्म और फिटनेस परेशानी का सबब बन सकती है। हरभजन सिंह 40 साल के हो चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव फिलहाल फॉर्म में नहीं हैं। वरुण चक्रवर्ती के फिटनेस पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद वे पिछले सीजन में टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर थे। गंभीर के जाने के बाद से टीम कुछ खास परफॉर्म नहीं कर पाई है। पिछले सीजन में ओपनिंग कॉम्बिनेशन, मिडिल ऑर्डर और फिनिशर के मामले में जूझना पड़ा था। टीम को अपना पहला मैच 11 अप्रैल को चेन्नई के खिलाफ खेलना है। बीच सीजन में दिनेश कार्तिक को हटाकर इंग्लैंड के ओएन मोर्गन को कप्तान बनाया गया। इसके बावजूद वे टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा सके। मोर्गन पहली बार आईपीएल में फुल टाइम कैप्टन के तौर पर नजर आएंगे। उन्हें मौजूदा समय में व्हाइट बॉल फॉर्मेट के सबसे चतुर कप्तानों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपनी कप्तानी में इंग्लैंड को 2019 वनडे वर्ल्ड कप जिताया था। पिछले सीजन में ्य्यक्र के शुरुआती 6 मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें कप्तानी सौंपी गई। मोर्गन ने 13वें सीजन में 14 पारियों में 41.80 की औसत से 418 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 24 छक्के लगाए। सीएसके ने इस साल ऑक्शन में सूझबूझ वाले फैसले लिए। राजस्थान ने जितना पैसा खर्च कर क्रिस मॉरिस को जोड़ा, उससे करीब आधी रकम में ने 8 शानदार खिलाड़ी खरीद लिए। इनमें शाकिब अल हसन और बेन कटिंग जैसे ऑलराउंडर, करुण नायर जैसा बैट्समैन और हरभजन सिंह जैसा अनुभवी स्पिनर शामिल है। शाकिब के आने से टीम के बैटिंग में गहराई आई है। टॉप ऑर्डर में शुभमन गिल और राहुल त्रिपाठी जैसे बल्लेबाज हैं। इसके बाद नीतीश राणा, दिनेश कार्तिक ,मोर्गन और शाकिब के रहने से मिडिल ऑर्डर काफी मजबूत है। लोअर ऑर्डर में रसेल और नरेन भी आक्रमक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। ऐसी बैटिंग लाइन अप किसी भी टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। सीएसके के पास प्रसिद्ध कृष्णा जैसा तेज गेंदबाज भी है। कृष्णा ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में इंटरनेशनल डेब्यू में 4 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था। वे डेब्यू वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज थे। बैकअप के तौर पर टीम के पास पैट कमिंस और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। यह तीनों गेंदबाज 145+ की स्पीड से गेंद फेंक सकते हैं। फर्ग्यूसन ने पिछले सीजन में 5 मैच में 6 विकेट लिए थे। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ सुपर ओवर में 2 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी। कोलकाता को चेन्नई में 5 मैच खेलने हैं। ऐसे में इस ट्रैक पर स्पिनर्स का रोल अहम होने वाला है। हरभजन अब 40 साल के हो चुके हैं। पिछले सीजन में वे नहीं खेले थे। जबकि, 2019 में उन्हें ने गिने चुने मैच में टीम में जगह दी थी। ऐसे में 2 साल बाद उन्हें क्रिकेटिंग फॉर्म में वापस आने में दिक्कत हो सकती है। साथ ही इस उम्र में फिटनेस बनाए रखना भी चुनौती होगा। वरुण पिछले कुछ समय से फिटनेस के लिए चर्चा में है। आईपीएल 2020 में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया और फिर इंग्लैंड सीरीज में भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया। पर दोनों बार वे फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाने के कारण बाहर हो गए। ऐसे में उन्हें एकबार जीरो से लेकर शुरुआत करनी होगी। कुलदीप पिछले कुछ समय से आउट ऑफ फॉर्म हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी जमकर धुनाई हुई थी। बॉलिंग एक्शन पर विवाद के बाद से नरेन कुछ खास फॉर्म में नहीं दिखे हैं।

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