योहेई सासाकावा की कुष्ठ उन्मूलन पर लिखित पुस्तक का विमोचन हुआ

नई दिल्ली, 3 फरवरी(एजेन्सी)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कुष्ठ उन्मूलन के लिए डल्यूएचओ के गुडविल अंबेसडर योहेई सासाकावा द्वारा लिखित पुस्तक ‘नो मैटर वेयर द जर्नी टेक्स मी: वन मैन्स क्वेस्ट फॉर ए लेप्रोसी फ्री वल्र्ड का विमोचन किया। यह किताब कुष्ठ उन्मूलन के ग्लोबल अंबेसडर के रूप में सासाकावा के सफर के बारे में है। इस मौके पर 15वें वित्त आयोग कमिश्नर एन. के. सिंह और सासाकावा-इंडिया लेप्रोसी फाउंडेशन के चेयरपर्सन तरुण दास भी उपस्थित रहे। अपनी पुस्तक में सासाकावा ने बताया है कि कैसे युवा उम्र में ही उनके पिता के मन में कुष्ठ उन्मूलन के प्रति सजगता थी और उन्हें गांव की ही एक सुंदर युवती से प्रेम हो गया था। तभी एक दिन वह युवती कहीं गायब हो गई। बाद में उन्हें पता चला कि उस युवती को कुष्ठ हो गया था और इसी कारण से उसे समाज से दूर अन्य कुष्ठ पीडि़तों की बस्ती में भेज दिया गया था। इस घटना ने उनके मन में कुष्ठ को जड़ से मिटाने का संकल्प पैदा किया और योहेई सासाकावा ने पिता के इस लक्ष्य को ही अपना सपना बना लिया। इस मौके पर योहेई सासाकावा ने कहा कि मैं खुश हूं कि मेरी किताब का भारत में विमोचन हो रहा है। यह किताब कुष्ठ पीडि़तों एवं उनके परिवार के प्रति फैले भेदभाव के खिलाफ मेरे सफर की व्याख्या है। कुष्ठ के प्रति जानकारी और जागरूकता बहुत कम है, जिससे इसको लेकर कई भ्रम फैले हुए हैं। भारत में इस समय एनएलईपी के रूप में कुष्ठ उन्मूलन का दुनिया का सबसे बड़ा अभियान चल रहा है। इस मौके पर उपस्थित रहे तरुण दास ने कहा कि योहेई सासाकावा की लिखी पुस्तक के अनावरण के मौके पर उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैंने सासाकावा के साथ काम किया है और इस दिशा में उनकी प्रतिबद्धता का प्रशंसक हूं। यह किताब उनके सफर की झलक है और कुष्ठ पीडि़तों ही नहीं बल्कि उनके परिजनों के जीवन में भी बदलाव का कारक बनेगी। यह किताब लोगों को इस अभियान से जुडऩे और कुष्ठ पीडि़तों के प्रति फैले भेदभाव को खत्म करने में मददगार होगी।

 

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