युवा ही देश का भविष्य हैं : राज्यपाल कलराज मिश्र

 

जयपुर, 9 दिसम्बर (का.सं.)। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ही देश का भविष्य है इसलिए युवाओं में स्वावंलबन की भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र सोमवार को जोधपुर में एम.बी.एम इंजीनियरिंग कॉलेज ऑडिटोरियम में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के 16 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर संविधान की प्रस्तावना का पठन कर मूल कत्र्तव्यों की शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा की गई थी जिनका शिक्षा व दर्शनशास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय साढ़े पांच दशक की अपनी शैक्षणिक यात्रा पूर्ण कर देश में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ विभिन्न राजनीतिज्ञ कानूनविद्, शिक्षाविद, उद्यमी, समाजसेवी प्रदान कर चुका है जो देश विदेश में विश्वविद्यालय का गौरव बढा रहे हैं।

मैन मेकिंग व कैरेक्टर बिल्डिं्रग के मूल मंत्र को ध्यान रखें : कुलाधिपति, राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने शिक्षा के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मैन मेकिंग व कैरेक्टर बिल्डिंग यानि व्यक्तित्व विकास व चरित्र निर्माण को शिक्षा का मूल उद्देश्य बताया था। जिसे हमें चरित्र में लाना चाहिए। उन्होंने मनुस्मृति में लिखे ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति जो सद्चरित्र हो चाहे उसे वेदों का ज्ञान भले ही कम हो उस व्यक्ति से अच्छा माना जाता है जो वेदों में पंडित होते हुए भी शुद्ध जीवन व्यतीत न करता हो इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी के चरित्र का निर्माण करना आचार्य का मुख्य कत्र्तव्य होना चाहिए।
मीडिया व तकनीकी विषय भी आवश्यक : राज्यपाल ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां बढ़ रही है ऐसे में विशेषकर विज्ञान, अभियांत्रिकी, मीडिया, कला साहित्य संस्कृति के साथ तकनीकी विषयों में विद्यार्थियों को दक्ष किया जाना नितान्त आवश्यक है। साथ ही मारवाड़ क्षेत्र में इस विश्वविद्यालय के होने के कारण मरूभूमि को आधुनिक भारत के अनुकूल ढालने के संबंध में भी शोध व अनुसंधान होने चाहिए।
विश्वविद्यालय द्वारा समाज के लिए किये गए प्रयास सराहनीय है : कुलाधिपति, राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि योजनाओं की जानकारी पशुपालकों के साथ संवाद, जल संरक्षण जागरूकता सौर उर्जा की उपयोगिता की जानकारी के साथ खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत क्रीड़ा मैदान के निर्माण संबंधित कार्य के विस्तार जैसी अनेक योजनाओं का शुभारंभ हर्ष का विषय हैे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों नान्दडा कला व मोगड़ा कला में किए जा रहे सहायता व विकास कार्यो की सराहना की।
उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में निहित राष्ट्र की मूल भावना : मौलिक अधिकारों के साथ मौलिक कत्र्तव्यों की समझ व उन्हें व्यवहार में लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में युवाओं को मूल कत्र्तव्यों का ज्ञान देना आवश्यक है।
विद्यार्थियों को दी सीख : कुलाधिपति, राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सच्चाई व ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन कर राष्ट्र को विश्व पटल पर गुरुड़ के रूप में स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों व शोधार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में परीक्षा उत्र्तीण करने की भावना से अधिक ज्ञानवान बनाने की भावना को विकसित करें जिससे वे विवेक सम्पन्न व तर्कशील बनकर राष्ट्र को समृद्धशाली बनाने में अहम योगदान दें।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को दी बधाई : दीक्षांत समारोह के अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि छात्राएं हर क्षेत्र में उच्च स्थान प्राप्त कर देश का मान बढा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पर सामाजिक, वैज्ञानिक, शैक्षणिक व अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च मानकों को स्थापित करने का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए शिक्षा पाठ्यक्रमों के साथ चरित्र निर्माण करना अत्यंत आवश्यक है। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बी आर चौधरी ने स्वागत भाषण किया।

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